पेट्रोल-डीजल टैक्स बढ़ोतरी पर BJP का कांग्रेस पर हमला

rakesh nandan

24/03/2026

हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर टैक्स बढ़ाए जाने के फैसले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए इसे जनविरोधी और आर्थिक रूप से गलत निर्णय बताया है।

लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर बढ़ाया गया टैक्स प्रदेश की आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ डालने वाला है। उन्होंने विशेष रूप से किसानों, बागवानों और मध्यम वर्ग का जिक्र करते हुए कहा कि इस फैसले से इन वर्गों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनता की समस्याओं को समझने में विफल रही है और उसके फैसले आम लोगों के हित में नहीं हैं।

सुरेश कश्यप ने यह भी कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। पेट्रोल और डीजल के महंगे होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों पर पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे प्रदेश में महंगाई और बढ़ेगी, जिससे आम लोगों का जीवन और कठिन हो जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

वहीं, लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाना सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर हमला है। उन्होंने कहा कि इससे हर आवश्यक वस्तु महंगी हो जाएगी, क्योंकि परिवहन लागत में वृद्धि का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है।

डॉ. भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय सरकार की गलत आर्थिक नीतियों को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के बजाय महंगाई को बढ़ावा दे रही है और इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब कोई सरकार आर्थिक प्रबंधन में विफल हो जाती है, तो वह जनता पर टैक्स का बोझ डालती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है।

हर्ष महाजन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जनता के हितों के खिलाफ है और इससे प्रदेश के विकास पर भी असर पड़ेगा।

इस पूरे मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में यह मामला और अधिक गरमा सकता है। जहां एक ओर भाजपा इस फैसले को लेकर कांग्रेस पर हमला कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव व्यापक होता है और यह अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को प्रभावित करता है। ऐसे में सरकार को इस तरह के फैसले लेते समय सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए।

कुल मिलाकर, पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाने का यह मुद्दा अब एक बड़ा राजनीतिक विषय बन चुका है, जिसका असर आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति और जनता दोनों पर देखने को मिल सकता है।