पशु मित्र भर्ती: अब दौड़ से होगा शारीरिक परीक्षण

rakesh nandan

28/03/2026

Animal Husbandry Department Himachal Pradesh द्वारा लागू की गई पशु मित्र नीति-2025 को लेकर हाल ही में सामने आई चर्चाओं और आशंकाओं के बीच विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। उप-निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन बिलासपुर Dr. Vinod Kundi ने बताया कि इस नीति के तहत शारीरिक परीक्षण को लेकर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यात्मक नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पशु मित्र की भूमिका केवल सामान्य कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पशुओं को संभालना, बीमार भेड़-बकरियों को उठाना और विभिन्न योजनाओं के तहत 50 किलोग्राम तक पशु आहार का परिवहन करना शामिल है। ऐसे कार्यों के लिए न्यूनतम शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति आवश्यक होती है, ताकि कार्यकर्ता और पशुधन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

डॉ. कुंदी ने बताया कि पहले जो शारीरिक परीक्षण निर्धारित किया गया था, वह केवल एक कार्यात्मक फिटनेस मूल्यांकन था, न कि कोई प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा। इसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि चयनित अभ्यर्थी अपने दायित्वों को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से निभा सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह परीक्षण सभी अभ्यर्थियों के लिए समान रूप से लागू किया गया था और इसका मकसद किसी को अपमानित करना या किसी वर्ग विशेष के लिए बाधा उत्पन्न करना नहीं था।

उन्होंने बताया कि अब तक 315 अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा आयोजित की जा चुकी है और इस दौरान किसी भी गंभीर चोट की कोई घटना सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई घटनाओं को लेकर भी उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिला मंडी के धर्मपुर उपमंडल में हुई एक घटना में अभ्यर्थी को कोई गंभीर चोट नहीं आई और उसने परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी की थी।

विभाग ने सभी परीक्षा स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए हैं और अभ्यर्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने आम जनता और अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक अधिसूचनाओं पर ही विश्वास करें।

महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद पशु मित्र नीति में संशोधन किया है। संशोधित नीति के तहत अब पुराने शारीरिक परीक्षण को हटाकर शारीरिक दक्षता परीक्षण लागू किया गया है। इसके अनुसार पुरुष अभ्यर्थियों को 5000 मीटर की दौड़ 30 मिनट में पूरी करनी होगी, जबकि महिला अभ्यर्थियों के लिए 1500 मीटर की दौड़ 10 मिनट में पूरी करना अनिवार्य होगा।

यह नया परीक्षण निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) के अनुसार आयोजित किया जाएगा, ताकि चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और स्पष्ट हो सके। इससे अभ्यर्थियों को भी एक स्पष्ट मानदंड मिलेगा, जिसके आधार पर वे अपनी तैयारी कर सकेंगे।

डॉ. कुंदी ने यह भी बताया कि जो अभ्यर्थी पहले ही पुराने शारीरिक परीक्षण में सफल हो चुके हैं, उन्हें संशोधित नीति के तहत भी पात्र माना जाएगा। वहीं, जो अभ्यर्थी पहले सफल नहीं हो पाए थे, उन्हें अब नए प्रारूप के अनुसार दोबारा मौका दिया जाएगा।

यह संशोधन अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और व्यावहारिक बन सके। इससे न केवल योग्य उम्मीदवारों का चयन होगा, बल्कि पशुपालन विभाग को भी ऐसे कार्यकर्ता मिलेंगे जो अपने दायित्वों को बेहतर तरीके से निभा सकें।

कुल मिलाकर, यह स्पष्ट है कि सरकार और विभाग दोनों ही इस नीति को लेकर संवेदनशील हैं और समय-समय पर आवश्यक सुधार कर रहे हैं, ताकि पारदर्शिता, सुरक्षा और कार्यक्षमता को सुनिश्चित किया जा सके।