HIV प्रभावित बच्चों की सुरक्षा व पुनर्वास पर जिला स्तरीय समीक्षा

rakesh nandan

20/01/2026

जिला सामुदायिक संसाधन समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एचआईवी/एड्स से जुड़े अभियानों, जागरूकता प्रयासों तथा सीएबीए (Children Affected by AIDS) मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। सीएबीए के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बच्चों को शामिल किया जाता है, जो एचआईवी/एड्स से प्रभावित हैं।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में वर्तमान में 31 बच्चे एचआईवी से संक्रमित हैं। भारत सरकार तथा नाको (National AIDS Control Organisation) द्वारा इन बच्चों की सहायता के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। एचआईवी/एड्स अधिनियम के तहत इन बच्चों के संपत्ति एवं कानूनी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाती है, ताकि उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।

उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इन बच्चों को एआरटी (Antiretroviral Therapy) सहित सभी आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को इनकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखने के निर्देश हैं, ताकि बच्चों को सामाजिक बहिष्कार या मानसिक प्रताड़ना का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन बच्चों की निरंतर निगरानी की जा रही है और प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति की बैठक

बैठक के दौरान जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति के कार्यों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में एचआईवी पॉजिटिव मामलों की संख्या 333 है। समिति का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करना है तथा यह संदेश देना है कि एड्स छुआछूत की बीमारी नहीं है। संक्रमित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति और सहयोग से ही स्वस्थ एवं जागरूक समाज का निर्माण संभव है।

उपायुक्त ने बताया कि जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति के अंतर्गत जिला सामुदायिक संसाधन समूह विभिन्न एनजीओ के सहयोग से प्रभावित व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं से जोड़ते हुए स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 50 व्यक्तियों को टेलरिंग प्रशिक्षण तथा 20 को कंप्यूटर कोर्स कराया गया है, जबकि अन्य योजनाओं के माध्यम से भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

नशे के कारण फैलता एचआईवी गंभीर चिंता

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने नशे के आदी युवाओं में सिरिंज के माध्यम से फैलते एचआईवी संक्रमण पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि समय-समय पर एचआईवी टेस्ट करवाएं और अभिभावक अपने बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। यदि एचआईवी की पहचान समय पर हो जाए और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार दवा व परहेज अपनाया जाए, तो संक्रमित व्यक्ति भी स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकता है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा, जिला एड्स प्रोग्राम अधिकारी डॉ. तहसीन, जिला टीबी प्रोग्राम अधिकारी डॉ. विनीत लखनपाल, प्रोजेक्ट मैनेजर दीपिका विमल, मेडिकल ऑफिसर डॉ. निधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।