प्रदेश सरकार के नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी के निर्देशों पर हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) की एक संयुक्त टीम ने जिला बिलासपुर में संभावित आवासीय नगर विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया।
हिमुडा की टीम ने एम्स के समीप स्थित कोठीपुरा, ओयल तथा औहर क्षेत्रों का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाछटा, निदेशक मंडल सदस्य जितेंद्र चंदेल, मुख्य अभियंता सुरेंद्र वशिष्ठ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूमि की व्यवहारिकता, भौगोलिक संरचना, भविष्य में विस्तार की संभावनाओं तथा नियोजित विकास के दृष्टिगत विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर गहन चर्चा की। इसके साथ ही संभावित स्थलों की कनेक्टिविटी, संपर्क मार्गों की स्थिति, बिजली, पेयजल, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भी तकनीकी आकलन किया गया।
हिमुडा अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बिलासपुर क्षेत्र में बढ़ती आवासीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी भूमि का चयन करना है, जहां सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुनियोजित आवासीय नगर विकसित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और आधुनिक शहरी मानकों के अनुरूप आवासीय नगर विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान एकत्र किए गए तथ्यों एवं तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि बिलासपुर क्षेत्र में नियोजित आवासीय विकास को गति दी जा सके।