हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्यपाल अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करने के बजाय खुले तौर पर बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ने कई बार युवाओं, छात्रों, किसानों, बागवानों और आम नागरिकों की समस्याओं पर बातचीत के लिए राजभवन से समय मांगा, लेकिन कभी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
छत्तर ठाकुर ने कहा कि जब भी युवा कांग्रेस ज्ञापन देने राजभवन पहुंची, हर बार राज्यपाल अनुपस्थित रहे और उन्हें सचिव के माध्यम से ही ज्ञापन सौंपना पड़ा। इसे उन्होंने जनता के मुद्दों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन का “अपमान” बताया।
राजभवन के निर्देश पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई—मीडिया रिपोर्टों में भी झड़प की पुष्टि
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद राजभवन ने पुलिस को बलपूर्वक कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को धक्का दिया, घसीटा और लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई की, जबकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था।
उन्होंने कहा कि कई मीडिया रिपोर्टों में भी पुलिस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की पुष्टि हुई है। छत्तर ठाकुर ने इसे युवाओं की आवाज़ दबाने का प्रयास बताया और कहा कि राजभवन लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने में असफल रहा है।
बीजेपी के दागी नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं—युवा कांग्रेस का सवाल
छत्तर ठाकुर ने राज्यपाल और जयराम ठाकुर द्वारा पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शन रोकने के लिए फोन करने पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं पर दबाव बनाने में जितनी तत्परता दिखाई गई, उतनी ही तत्परता बीजेपी के दागी नेताओं पर नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि यदि यही सक्रियता बीजेपी विधायक हंसराज के खिलाफ बलात्कार मामले में दिखाई जाती, तो हिमाचल की बेटियों को न्याय मिलता। लेकिन उस मामले में पूरी तरह चुप्पी साध ली गई, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं को अपराधी साबित करने की कोशिश की जा रही है।
वोट चोरी कांड के दोषियों पर कार्रवाई की मांग अनसुनी—CEC के निलंबन की मांग दोहराई
छत्तर ठाकुर ने आरोप लगाया कि देशभर में सामने आए वोट चोरी कांड पर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति दोनों ने आंखें मूंद रखी हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
युवा कांग्रेस ने स्पष्ट मांग उठाई कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत निलंबित किया जाए, क्योंकि यह घोटाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के संरक्षण में हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर दबाव बनाने के लिए लगातार फोन किए जाते हैं, लेकिन बीजेपी के भ्रष्ट नेताओं और चुनाव आयोग में बैठे दागी अधिकारियों पर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रखेगी युवा कांग्रेस
छत्तर ठाकुर ने कहा कि युवा कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा, वोट की सुरक्षा और राजनीतिक नैतिकता की बहाली के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ता न तो राजभवन के दबाव में आएंगे और न ही पुलिस की धमकियों से डरेंगे।
वोट चोरी के खिलाफ यह लड़ाई सिर्फ युवा कांग्रेस की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की है जो लोकतंत्र को बचाना चाहता है।