हिमाचल विधानसभा का पहला बजट सत्र प्रारंभ
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का पहला बजट सत्र आज 14 मार्च 2023 को प्रातः 11 बजे से प्रारंभ हो रहा है। यह बजट सत्र कुल 18 बैठकों के साथ आयोजित किया जाएगा और 6 अप्रैल 2023 तक चलेगा। सत्र के पहले दिन सदन में शोकोदगार प्रस्तुत किया जाएगा।
17 मार्च को पेश होगा पहला बजट
इस सत्र का प्रमुख आकर्षण 17 मार्च 2023 को मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए पहला बजट प्रस्तुत किया जाना है। मुख्यमंत्री के रूप में यह उनका पहला बजट होगा, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं।
18 बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम
यह बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें कुल 18 बैठकें निर्धारित की गई हैं। सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधेयक प्रस्तुति और बजट चर्चा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
संभावित हंगामे के आसार
सोमवार को शिमला में कांग्रेस और भाजपा विधायक दल की अलग-अलग बैठकें आयोजित हुईं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर सकता है। विशेष रूप से भाजपा द्वारा सरकारी संस्थानों को बंद करने और चुनावी वादों को लेकर सरकार से जवाब मांगे जाने की संभावना है।
प्रमुख मुद्दे जिन पर होगी चर्चा
बजट सत्र के दौरान निम्नलिखित विषयों पर सवाल-जवाब और चर्चा संभावित है:
प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति
सड़कों की दयनीय अवस्था
स्वीकृत सड़कों की डीपीआर
महाविद्यालयों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन
विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति
पर्यटन और उद्यान क्षेत्र का विकास
पेयजल आपूर्ति व्यवस्था
युवाओं में बढ़ते नशे की रोकथाम
बढ़ते आपराधिक मामले
सौर ऊर्जा और परिवहन व्यवस्था
पुरानी पेंशन योजना (OPS)
इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक महत्व
यह बजट सत्र प्रदेश की नई सरकार के लिए नीति निर्धारण की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 का बजट राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं, विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करेगा। राज्य की वित्तीय स्थिति और संसाधनों के प्रबंधन पर भी चर्चा केंद्रित रह सकती है।
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल 2023 तक चलेगा, जिसमें कुल 18 बैठकें होंगी। 17 मार्च 2023 को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपना पहला बजट पेश करेंगे। सत्र के दौरान विभिन्न जनहित मुद्दों पर चर्चा और राजनीतिक बहस होने की पूरी संभावना है, जिससे प्रदेश की आगामी विकास दिशा तय होगी।