हिमाचल स्टार्ट-अप रैंकिंग में अव्वल, नई योजनाओं का ऐलान

rakesh nandan

03/04/2026

हिमाचल प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और स्टार्ट-अप ईको सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कई नवाचार लागू किए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

इन प्रयासों के चलते वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित स्टार्ट-अप रैंकिंग के पांचवें संस्करण में हिमाचल प्रदेश को देश के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में विकसित हो रहे स्टार्ट-अप वातावरण और उद्योग नीति की सफलता को दर्शाती है।

हाल ही में आयोजित हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 ने भी राज्य के स्टार्ट-अप ईको सिस्टम को मजबूती प्रदान की है। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं और उद्यमियों को अपने विचारों को प्रस्तुत करने और निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिला, जिससे नए उद्यमों को बढ़ावा मिला है।

प्रदेश को उद्योग निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। राज्य सरकार अब एक नई हिम स्टार्ट-अप स्कीम लाने जा रही है, जिसके तहत स्टार्ट-अप और इन्क्यूबेटरों को वित्तीय और गैर-वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इससे युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट थ्री प्रोडक्ट्स प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिला तीन प्रमुख उत्पादों की पहचान करेगा, जिन्हें औद्योगिक नीति के तहत सहायता दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और उनकी बाजार में पहुंच सुनिश्चित करना है।

इस कार्यक्रम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय उद्यमों को नए अवसर प्राप्त होंगे। सरकार का मानना है कि इससे आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार इस वित्त वर्ष में हिम सिल्क मिशन शुरू करने जा रही है, जिसके लिए 2 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस मिशन के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अनुसूचित जाति के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से उद्योग विभाग द्वारा 10 हजार युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत एनएसडीसी और सीएसआर फंड के सहयोग से प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रति माह 2,000 रुपये का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा। इससे युवाओं को कौशल विकास के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी मिलेगी।

प्रदेश सरकार हरित उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि राज्य की प्राकृतिक और भौगोलिक विशेषताओं का बेहतर उपयोग किया जा सके।

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश सरकार की ये पहलें राज्य को उद्योग और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं। स्टार्ट-अप रैंकिंग में मिली सफलता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में हिमाचल देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल हो सकता है।