राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश में चल रही रेल परियोजनाओं की प्रगति को लेकर केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी दी है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी। यह जानकारी उस प्रश्न के जवाब में दी गई, जो भाजपा नेता एवं सांसद हर्ष महाजन ने हिमाचल प्रदेश में चल रही प्रमुख रेल परियोजनाओं की स्थिति को लेकर पूछा था। रेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर कार्य जारी है और इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा सके।
अंब-अंदौरा रेल लाइन विस्तार पर प्रगति
रेल मंत्री ने बताया कि अंब-अंदौरा रेल लाइन मौजूदा मोरिंडा–रूपनगर–आनंदपुर साहिब–दौलतपुर चौक रेल मार्ग का हिस्सा है।
इस लाइन को आगे मुकेरियां और जालंधर–जम्मू रेल मार्ग से जोड़ने के लिए विस्तार किया जा रहा है।
परियोजना के अंतर्गत—
नंगल डैम से दौलतपुर चौक (60 किमी) का कार्य पूरा हो चुका है
दौलतपुर चौक–मुकेरियां (42 किमी) खंड में कार्य जारी है
दौलतपुर चौक–करटोली (10.5 किमी) खंड का निर्माण पूरा हो चुका है।
वहीं करटोली–तलवाड़ा (13.65 किमी) खंड में 9.2 किमी लंबा वायाडक्ट, एक बड़ा पुल, सात छोटे पुल, दो आरओबी और आठ आरयूबी का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
तलवाड़ा–मुकेरियां खंड में 70 प्रतिशत कार्य
रेल मंत्री ने बताया कि तलवाड़ा–मुकेरियां (28.70 किमी) खंड में 13 बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इस खंड में लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा 40 आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) में से 29 का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष पर कार्य जारी है।
चंडीगढ़–बद्दी रेल लाइन परियोजना
रेल मंत्री ने बताया कि चंडीगढ़–बद्दी नई रेल लाइन (33 किमी) परियोजना को 1540 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है। यह परियोजना केंद्र और हिमाचल सरकार के बीच 50–50 प्रतिशत लागत साझेदारी के आधार पर चल रही है।
अब तक—
कुल 1068.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं
हिमाचल सरकार की हिस्सेदारी 534 करोड़ रुपये है
राज्य सरकार द्वारा 348 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं
186 करोड़ रुपये अभी शेष हैं
परियोजना के लिए 97 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति पूरी हो चुकी है।
इसके अतिरिक्त—
9 किमी वायाडक्ट का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा
पुलों, आरओबी और स्टेशन भवनों का निर्माण जारी
भानुपल्ली–बिलासपुर–बेरी रेल लाइन परियोजना
रेल मंत्री ने बताया कि भानुपल्ली–बिलासपुर–बेरी नई रेल लाइन (63 किमी) परियोजना भी लागत साझेदारी के आधार पर बनाई जा रही है।
इस परियोजना में—
75 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार
25 प्रतिशत लागत राज्य सरकार वहन कर रही है
परियोजना की अनुमानित लागत 6753 करोड़ रुपये है, जिसमें 1617 करोड़ रुपये भूमि लागत शामिल है। अब तक इस परियोजना पर 7729 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
परियोजना की प्रगति इस प्रकार है—
16 में से 15 सुरंगें पूरी
27 में से 10 बड़े पुल तैयार
8 में से 6 आरओबी तैयार
5 में से 4 आरयूबी पूरे
6 में से 3 स्टेशन भवन तैयार
बिलासपुर–मनाली–लेह रेल परियोजना
रेल मंत्री ने बताया कि बिलासपुर–मनाली–लेह रेल लाइन (489 किमी) को रक्षा मंत्रालय द्वारा रणनीतिक परियोजना के रूप में चिन्हित किया गया है। इस परियोजना का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1.31 लाख करोड़ रुपये है। इसमें लगभग 270 किलोमीटर लंबी सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित है, जो इसे दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण रेल परियोजनाओं में से एक बनाता है।
पठानकोट–जोगिंदरनगर रेल लाइन का ब्रॉडगेज प्रस्ताव
रेल मंत्री ने बताया कि पठानकोट–जोगिंदरनगर नैरोगेज रेल लाइन (200 किमी) को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए सर्वेक्षण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
रेलवे बजट में 25 गुना वृद्धि
रेल मंत्रालय के अनुसार हिमाचल प्रदेश में रेलवे अवसंरचना के लिए बजट आवंटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
2009–14: औसतन 108 करोड़ रुपये प्रति वर्ष
2025–26: बढ़कर 2716 करोड़ रुपये
यानी रेलवे बजट में 25 गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
तीन नई रेल लाइनों पर 17,622 करोड़ की परियोजनाएं
रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में तीन नई रेल लाइनों पर कार्य चल रहा है।
कुल लंबाई: 214 किलोमीटर
कुल लागत: 17,622 करोड़ रुपये
इनमें से 64 किलोमीटर रेल लाइन चालू की जा चुकी है और मार्च 2025 तक 8280 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा लाभ
सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में पर्यटन, व्यापार और सामरिक दृष्टि से बड़ा लाभ मिलेगा और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।