हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की 13 कल्याणकारी योजनाएं प्रदेशभर के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। ये योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि गरीब श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इन योजनाओं के तहत मकान निर्माण, चिकित्सा सहायता, बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता, पेंशन, दिव्यांगता पेंशन और मृत्यु पर आर्थिक सहायता जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिला हमीरपुर में भी हजारों श्रमिक इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
🎓 शिक्षा सहायता योजना बनी संजीवनी
इन 13 योजनाओं में सबसे प्रभावी योजना शिक्षा सहायता योजना मानी जा रही है।
इस योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को
- पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक
- ₹8,400 से ₹1.20 लाख तक
की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को हर साल ₹20,000 की अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है।
👷 मजदूर परिवारों के सपनों को मिली उड़ान
दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाने वाले श्रमिकों के लिए बच्चों की पढ़ाई सबसे बड़ी चुनौती होती है।
लेकिन अब इस योजना के माध्यम से उनके बच्चे भी उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा हासिल कर रहे हैं और अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।
अब उन्हें फीस की चिंता नहीं सताती और वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
📍 सुनीता देवी के बेटे को मिला सहारा
हमीरपुर के गांव उसली की सुनीता देवी और उनके पति पुरुषोत्तम चंद मनरेगा व निर्माण कार्यों में मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
पहले वे अपने बेटे की उच्च शिक्षा के बारे में सोच भी नहीं सकते थे।
लेकिन बोर्ड में पंजीकरण करवाने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई।
आज उनका बेटा आईटीआई डिप्लोमा कर रहा है और उसे अब तक ₹48,000 की सहायता मिल चुकी है।
📍 सोनी कुमार के बेटे को भी लाभ
इसी तरह गांव मझोट के मिस्त्री सोनी कुमार के बेटे को भी इस योजना से बड़ा लाभ मिला है।
उन्हें
- 9वीं, 10वीं और 11वीं कक्षा के दौरान
- कुल ₹33,000 की सहायता मिली
अब उनका बेटा आईटीआई में पढ़ाई कर रहा है और आगे की फीस के लिए भी उन्होंने आवेदन किया है।
सोनी कुमार ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है।
📊 लाखों रुपये की सहायता वितरित
श्रमिक कल्याण अधिकारी रश्मि ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि:
- वित्त वर्ष 2025-26 में
- 1438 श्रमिकों के बच्चों को
- ₹4,29,85,600 की शिक्षा सहायता दी गई
- वहीं, कुल मिलाकर
- ₹7,47,57,793 की सहायता
- विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदान की गई
यह आंकड़े बताते हैं कि यह योजना कितने बड़े स्तर पर श्रमिकों के जीवन को प्रभावित कर रही है।
🌱 सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला रही है।
अब गरीब परिवारों के बच्चे भी:
- तकनीकी शिक्षा
- व्यावसायिक कोर्स
- उच्च शिक्षा
की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो रहा है।
