हिमाचल में 26 केंद्रीय विद्यालय, 6 नए प्रस्तावित

rakesh nandan

13/03/2026

लोकसभा के बजट सत्र-II के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े शिक्षा और ग्रामीण सड़क विकास से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी दी है। यह जानकारी उस प्रश्न के उत्तर में दी गई, जिसे भाजपा नेता एवं सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने संसद में उठाया था। सांसद ने हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या तथा नए विद्यालयों की स्थापना की योजना के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जिला कांगड़ा के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण की स्थिति के बारे में भी प्रश्न पूछा।


हिमाचल में 26 केंद्रीय विद्यालय संचालित

इस प्रश्न के उत्तर में जयंत चौधरी ने बताया कि वर्तमान समय में हिमाचल प्रदेश में कुल 26 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि इन केंद्रीय विद्यालयों में से—

  • जिला कांगड़ा में 6 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं

  • जिला चंबा में 4 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं

केंद्रीय विद्यालय देशभर में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के लिए जाने जाते हैं और यह विशेष रूप से केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रक्षा और अर्धसैनिक बलों के बच्चों के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान हैं।


हिमाचल में 6 नए केंद्रीय विद्यालय प्रस्तावित

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में देशभर में 56 नए केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी गई है। इनमें हिमाचल प्रदेश में भी 6 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना शामिल है।

प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों के स्थान इस प्रकार हैं—

  • रीढ़ि, जिला कांगड़ा

  • गोकुल नगर, अपर भगाल, जिला ऊना

  • नंदपुर, जिला ऊना

  • घुनाग, जिला मंडी

  • जिला सिरमौर

  • जिला शिमला

इन नए विद्यालयों के शुरू होने से प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


केंद्रीय विद्यालयों का महत्व

सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय देश में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में राष्ट्रीय स्तर का पाठ्यक्रम, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। विशेष रूप से रक्षा और अर्धसैनिक बलों के कर्मचारियों के बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन विद्यालयों में पूरे देश में समान पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में, जहां बड़ी संख्या में परिवार सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा दे रहे हैं, वहां केंद्रीय विद्यालयों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।


पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क विकास

इसके अलावा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने 10 मार्च 2026 को लोकसभा में ग्रामीण विकास मंत्री से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिला कांगड़ा के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत और निर्मित सड़कों के बारे में जानकारी मांगी। इस प्रश्न के उत्तर में कमलेश पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रारंभ से लेकर अब तक चार चरणों में हिमाचल प्रदेश में व्यापक सड़क निर्माण कार्य किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत—

  • 26,505 किलोमीटर सड़क लंबाई स्वीकृत

  • 147 पुल स्वीकृत

यह सड़कें दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं।


कांगड़ा जिले में 3558 किमी सड़क निर्माण

मंत्री ने बताया कि जिला कांगड़ा में अब तक—

  • 3,558 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूरा

  • 17 पुलों का निर्माण पूरा

इसके अलावा नूरपुर ब्लॉक में—

  • 272 किलोमीटर सड़क निर्माण

  • 2 पुलों का निर्माण पूरा

इन सड़कों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर हुई है और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।


ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावा

सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य दूरदराज के गांवों को सर्व मौसमीय सड़कों से जोड़ना है।