हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर अभिनव प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में प्रदेश स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और हिमाचल आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा की तस्वीर बदल रही है। अब गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों का अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने का सपना साकार हो रहा है। जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत दकड़ी स्थित राजकीय उच्च विद्यालय चुवाड़ी इसका जीवंत उदाहरण है, जहां बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, आईटी लैब, आधुनिक पुस्तकालय, वाई-फाई तथा खेलकूद की बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध है। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के विकल्प ने न केवल बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी निरंतर वृद्धि हुई है।
इस पहल का सकारात्मक प्रभाव अभिभावकों पर भी पड़ा है। अब वे निजी विद्यालयों की महंगी फीस देने के बजाय सरकारी विद्यालयों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे उनका आर्थिक बोझ कम हुआ है और बच्चों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।
विद्यालय की मुख्याध्यापिका भावना ने बताया कि विद्यालय में हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा का विकल्प उपलब्ध है। विद्यालय पूरी तरह डिजिटल मोड पर कार्य कर रहा है, जहां इंग्लिश स्पीकिंग, कंप्यूटर शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इस संबंध में स्थानीय विधायक एवं प्रदेश सरकार में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम शुरू कर प्रदेश सरकार ने अपनी एक महत्वपूर्ण गारंटी को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाना है।
यह पहल ग्रामीण, गरीब और संसाधनविहीन बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।