हिमाचल में मत्स्य बीज उत्पादन बढ़ाने को राज्य स्तरीय कार्यशाला

rakesh nandan

22/01/2026

हिमाचल प्रदेश में मत्स्य बीज उत्पादन को सुदृढ़, आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मत्स्य पालन विभाग द्वारा निदेशालय बिलासपुर में “बेस्ट मैनेजमेंट प्रैक्टिसेज एवं टेक्नोलॉजी इन्फ्यूजन के माध्यम से प्रदेश में फिश सीड प्रोडक्शन को बढ़ावा देने” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता विवेक चंदेल, निदेशक मत्स्य ने की। इस अवसर पर प्रदेश के सभी फील्ड अधिकारी, विशेष रूप से विभिन्न मत्स्य फार्मों के प्रभारी अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में मछली बीज उत्पादन को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ बनाना रहा।

निदेशक विवेक चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में मत्स्य बीज उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ विभाग ठोस रणनीति पर कार्य कर रहा है। वर्तमान में प्रदेश में कार्प प्रजाति के मछली बीज (अंडे) का उत्पादन लगभग 30 लाख तथा ट्राउट मछलियों के अंडों का उत्पादन लगभग 20 लाख किया जा रहा है, जिसे आगामी समय में लगभग दुगुना करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए देश-विदेश में प्रचलित श्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियों को अपनाया जाएगा तथा नवीनतम तकनीकों को चरणबद्ध रूप से सभी मत्स्य फार्मों में लागू किया जाएगा, जिससे उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

निदेशक ने बताया कि मछली बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ब्रूड स्टॉक मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अंडे देने वाली मछलियों के लिए विशेष पोषण आहार, जल गुणवत्ता के विभिन्न पैरामीटर की नियमित निगरानी तथा अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों का विकास विभाग की प्राथमिकता होगी। कार्यशाला में चंचल (उपनिदेशक मत्स्य), सोमनाथ (सहायक निदेशक मुख्यालय), पंकज ठाकुर (बिलासपुर), जय सिंह (चंबा), संदीप कुमार (पोंग डैम), विवेक शर्मा (ऊना), नीतू सिंह (मंडी), अरुण कांत वर्मा (कुल्लू), राकेश कुमार (पालमपुर) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यशाला प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले मछली बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।