हिमाचल प्रदेश अग्निशमन सेवा ने दिवाली के दौरान अग्नि सुरक्षा हेतु एडवाइजरी करी जारी

rakesh nandan

24/10/2025

दिवाली पर्व के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश अग्निशमन सेवा ने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अग्नि सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पटाखे जलाते समय सुरक्षा मानकों और सावधानियों का पालन करें, ताकि दुर्घटनाओं और आगजनी की घटनाओं से बचा जा सके।


लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें

अग्निशमन विभाग ने सलाह दी है कि— केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें। कानूनी रूप से स्वीकृत और गुणवत्ता प्रमाणित पटाखों का ही उपयोग करें। खुले और सुरक्षित स्थानों, जैसे पार्कों या मैदानों में ही पटाखे जलाएं। इमारतों, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों के पास पटाखे न फोड़ें।


आग लगने की स्थिति में रहें सतर्क

  • पटाखे जलाते समय पास में पानी की बाल्टी रखें और हमेशा आग बुझाने के साधन तैयार रखें। आग से संबंधित चोटों से बचने के लिए सिंथेटिक कपड़ों के बजाय सूती कपड़े पहनें। बच्चों की निगरानी के लिए किसी वयस्क व्यक्ति की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए।


पटाखे फोड़ने के बाद बरतें सावधानी

  • इस्तेमाल किए गए पटाखों को पानी की बाल्टी में डालें ताकि बची हुई चिंगारी पूरी तरह बुझ जाए। एक साथ कई पटाखे न जलाएं – अप्रत्याशित विस्फोटों से बचें। पटाखा जलाने के बाद सुरक्षित दूरी बनाए रखें।पटाखे जलाते समय हवा की दिशा का ध्यान रखें, ताकि वे घरों या लोगों की ओर न उड़ें।


घरों में अग्नि सुरक्षा के विशेष निर्देश

  • घरों के अंदर, खिड़कियों के पास या सीमित स्थानों पर कभी पटाखे न जलाएं। ढीले या ज्वलनशील कपड़े पहनने से बचें। पटाखों को सूखे पत्तों, गैस सिलेंडरों और वाहनों से दूर रखें। यदि कोई पटाखा जलने में विफल रहता है, तो उसे दोबारा जलाने का प्रयास न करें — कुछ मिनट प्रतीक्षा करें और फिर सुरक्षित रूप से निपटान करें। सुनिश्चित करें कि पटाखे ऐसी जगह न चलाए जाएं जहाँ से बचने के रास्ते अवरुद्ध हो सकते हैं। तेल के दीये, मोमबत्तियाँ और लैंप कभी भी बिना देखरेख के न छोड़ें, विशेषकर पर्दों या ज्वलनशील वस्तुओं के पास।


अग्निशमन सेवा की अपील

अग्निशमन विभाग ने जनता से अपील की है कि दिवाली खुशी और सुरक्षा के साथ मनाएं, और आग या दुर्घटना की स्थिति में तुरंत निकटतम अग्निशमन केंद्र (फायर स्टेशन) को सूचित करें। विभाग ने कहा कि सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी है।