हिमाचल में 1000 पेट्रोल टैक्सियां ई-टैक्सी में बदली जाएंगी

rakesh nandan

09/01/2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां परिवहन, श्रम एवं रोज़गार विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश में परिवहन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, स्वरोज़गार को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पैट्रो ईंधन से चलने वाली टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-टैक्सी) में बदला जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत 1000 पेट्रोल/डीज़ल टैक्सियों को ई-टैक्सियों में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए टैक्सी मालिकों को 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग को इस योजना की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ई-टैक्सी से बदली जाने वाली पुरानी पैट्रो ईंधन आधारित टैक्सियों की स्क्रैपिंग केवल पंजीकृत केंद्रों में की जाएगी, ताकि पर्यावरण मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके।

ग्रामीण परिवहन को सशक्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में निजी बस संचालन के लिए 390 नए रूट परमिट आवंटित किए जाएंगे। इन रूटों पर बस संचालन के लिए सरकार द्वारा 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी और स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और स्वरोज़गार को समान प्राथमिकता दे रही है। लगभग 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के पहले चरण में ई-टैक्सी खरीद पर उपदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी ई-टैक्सी योजना के अंतर्गत पात्र युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ यह भी गारंटी दी जाती है कि उनके वाहन सरकारी विभागों से जोड़े जाएंगे, जिससे स्थायी आय सुनिश्चित हो सके।

बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, सचिव प्रियंका बासु इंगटी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, श्रम आयुक्त डॉ. वीरेन्द्र शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।