नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी जंग, युवाओं से अपील

rakesh nandan

23/03/2026

हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नशे की तस्करी में संलिप्त नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक बड़ी जंग का ऐलान किया है, जिसमें समाज के हर वर्ग को योगदान देना होगा।

सोमवार को राज राजेश्वरी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक है, खासकर युवाओं के बीच। उन्होंने कहा कि भले ही किसी का परिवार अभी इस समस्या से प्रभावित न हो, लेकिन हर व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए और इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं और इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप दिया गया है। एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप नशा माफिया की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा, सरकार ने नशे के खिलाफ एक विशेष फोर्स के गठन का भी निर्णय लिया है।

नरेश ठाकुर ने कहा कि नशे के कारोबार और सेवन में संलिप्त लोगों की सूचना टोल फ्री नंबर 112 या “ड्रग फ्री हिमाचल” मोबाइल ऐप के माध्यम से दी जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, जिससे लोग बिना किसी डर के जानकारी साझा कर सकें।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा नशा तस्करों की सूचना देने वालों के लिए ₹10 हजार से लेकर ₹10 लाख तक के पुरस्कार की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार नशीले पदार्थों की बरामदगी की मात्रा के आधार पर दिए जाते हैं। इससे लोगों को इस अभियान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

नशा निवारण के क्षेत्र में उपचार और पुनर्वास सुविधाओं को मजबूत करने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। नरेश ठाकुर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित “नई दिशा केंद्रों” को सुदृढ़ किया जा रहा है और इनमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अलावा जोल सप्पड़ में बनने वाले मेडिकल कॉलेज परिसर में एक बड़े नशा निवारण केंद्र की स्थापना की जा रही है, जिसके लिए अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण भी किया जा रहा है

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकार खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रही है। इस बार के बजट में खेलों के लिए ₹12 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं को सकारात्मक दिशा मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान नशा निवारण बोर्ड के बीओडी सदस्य रूबल सिंह ठाकुर ने भी अपने विचार साझा किए और युवाओं को जागरूक रहने का संदेश दिया। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राज धीमान ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर एक नशा विरोधी रैली भी निकाली गई, जिसमें कॉलेज के प्रशिक्षणार्थियों और उपस्थित गणमान्य लोगों ने भाग लिया। रैली के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया और समाज को नशा मुक्त बनाने का संदेश दिया गया।

अंत में कहा जा सकता है कि हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ यह अभियान अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। सरकार, प्रशासन और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है और युवाओं को एक सुरक्षित व स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है।