हिमाचल बजट 2026 को आमजन की सराहना

rakesh nandan

22/03/2026

हिमाचल प्रदेश के वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर जहां एक ओर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, वहीं दूसरी ओर समाज के विभिन्न वर्गों ने इस बजट की सराहना की है। आमजन का मानना है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत यह बजट ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

तुंगल क्षेत्र के भरगांव निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार कृष्ण ठाकुर ने बजट को किसान और पशुपालकों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने डेयरी फार्म शुरू किया और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पशुपालन क्षेत्र में नई ऊर्जा देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि पहले लोग पशुपालन से दूर हो रहे थे, लेकिन अब सरकार की नीतियों के कारण गांवों में फिर से पशुपालन को बढ़ावा मिल रहा है और घर-घर में यह गतिविधि शुरू हो गई है।

इसी क्षेत्र की सरला देवी ने दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई वृद्धि को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब 61 रुपए प्रति किलो दूध मिलने से किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले उनके पास एक गाय थी, लेकिन अब वे दो गायें पालने की योजना बना रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

सुंदरनगर के दुग्ध उत्पादक चमन लाल ने भी दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी को किसानों के लिए राहत भरा कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गाय के दूध का मूल्य 61 रुपए और भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपए प्रति किलो निर्धारित करना किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।

व्यापार वर्ग ने भी इस बजट का स्वागत किया है। जोगिंदर नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भास्कर गुप्ता ने कहा कि 24 घंटे दुकानें खुली रखने की नीति व्यापारियों के लिए लाभकारी साबित होगी। उन्होंने इसे एक सकारात्मक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

कानूनी क्षेत्र से जुड़े सरकाघाट के एडवोकेट के.के. वर्मा ने इस बजट को आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इसमें किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा और युवाओं सहित सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने और नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाने की घोषणा को भी सराहनीय बताया।

युवाओं के दृष्टिकोण से भी इस बजट को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। सरकाघाट के पंकज नेगी ने कहा कि पुलिस, राजस्व, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में रोजगार के अवसर सृजित करने की घोषणा युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। महिलाओं के लिए पुलिस भर्ती में विशेष पद सृजित करने की पहल को भी उन्होंने सराहा।

सरकाघाट के प्रताप सिंह ने कहा कि इस बजट में गरीब और वंचित वर्गों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार किया गया है और पशुपालकों व अन्य वर्गों के लिए भी कई लाभकारी घोषणाएं की गई हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ने की पहल को भी सराहनीय बताया।

जोगिंदर नगर के सुनील कुमार ने युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ई-टैक्सी के लिए 500 परमिट जारी करने और 50 प्रतिशत सब्सिडी की घोषणा को सराहनीय कदम बताया। साथ ही उन्होंने आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाने की मांग भी की।

कुल मिलाकर, समाज के विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट होता है कि हिमाचल प्रदेश का यह बजट व्यापक रूप से लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करता है। खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों, व्यापारियों और युवाओं के लिए किए गए प्रावधानों को सकारात्मक नजरिए से देखा जा रहा है।