भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने वर्ष 2025 को हिमाचल प्रदेश के जनमानस के लिए अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के पूरी तरह तार-तार होने का गवाह बना और कांग्रेस सरकार मूकदर्शक बनी रही।
डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्ष 2025 में नशे और चिट्टे का प्रचलन भयावह स्तर तक पहुंच गया, जिससे प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया। नशा माफिया के साथ-साथ रेत माफिया, खनन माफिया, वन माफिया और कबाड़ माफिया पूरे प्रदेश में खुलेआम सक्रिय रहे, लेकिन सरकार इन्हें रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई।
उन्होंने कहा कि खैर के अवैध कटान और जंगलों की अंधाधुंध कटाई ने प्रदेश के पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचाई। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदेश में गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आने लगीं, जिससे भय और अराजकता का माहौल बना।
डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्ष 2025 में हत्याओं, गंभीर सड़क दुर्घटनाओं और गोलाबारी की घटनाओं में निरंतर वृद्धि हुई, जिसने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया। कुछ घटनाएं ऐसी रहीं, जिन्होंने हिमाचल की शांत पहचान पर गहरे और कभी न मिटने वाले दाग छोड़े।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड के मुख्य अभियंता नेगी की असमय और संदिग्ध मृत्यु का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली है। एक ईमानदार अधिकारी का अचानक लापता होना, फिर उनकी मृत्यु और पूरे मामले को दबाने के प्रयास—यह सब कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि इसी वर्ष प्रदेश ने भीषण प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना किया। मंडी से शुरू हुई भारी बारिश की मार कुल्लू, बिलासपुर, सिरमौर और चंबा तक फैली। हजारों लोग प्रभावित हुए, सैकड़ों परिवार बेघर हुए और घर के घर तबाह हो गए।
उन्होंने कहा कि इस विकट समय में कांग्रेस सरकार का रवैया असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना रहा। न समय पर राहत पहुंचाई गई, न पुनर्वास की ठोस योजना बनी और न ही पीड़ितों के दर्द को समझने की कोशिश की गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2025 को हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की विफलताओं, असुरक्षा, अराजकता और संवेदनहीनता के वर्ष के रूप में याद रखेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।