हिमाचल में 19 कॉलेज डिनोटिफाई, एबीवीपी का विरोध

rakesh nandan

11/03/2023

19 महाविद्यालय डिनोटिफाई, एबीवीपी ने उठाए सवाल

Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (एबीवीपी) हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री Akash Negi ने बयान जारी कर कहा कि प्रदेश सरकार के निर्णयों से छात्र वर्ग प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, सरकार ने पहले 286 स्कूलों को बंद किया और अब 19 महाविद्यालयों को डिनोटिफाई कर दिया है। एबीवीपी ने इसे छात्र हितों के प्रतिकूल बताया है।


जिलावार बंद हुए महाविद्यालय

जारी सूची के अनुसार जिन 19 महाविद्यालयों को डिनोटिफाई किया गया है, उनमें विभिन्न जिलों के कॉलेज शामिल हैं:

  • बिलासपुर – 2

  • चंबा – 1

  • हमीरपुर – 2

  • कांगड़ा – 4

  • मंडी – 3

  • शिमला – 2

  • सिरमौर – 1

  • सोलन – 3

  • कुल्लू – 1 (संस्कृत कॉलेज)

एबीवीपी का कहना है कि इन संस्थानों में दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्र पढ़ाई कर रहे थे।


आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका

प्रदेश मंत्री ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अनेक छात्र दूरस्थ गांवों से पढ़ने आते हैं। नजदीकी महाविद्यालय बंद होने से उन्हें अन्य शहरों में जाना पड़ेगा, जिससे किराया और आवास खर्च बढ़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिला मंडी में पंडोह महाविद्यालय बंद होने से छात्रों को मंडी या कुल्लू जाना पड़ेगा, जो दूरी और खर्च दोनों बढ़ाएगा।


शिक्षा की पहुंच पर प्रभाव

एबीवीपी का मत है कि जन शिक्षण संस्थान छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किए गए थे। 286 स्कूलों और अब 19 महाविद्यालयों के बंद होने से शिक्षा की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। संगठन का दावा है कि कई कॉलेजों में छात्र नामांकन हाल ही में हुआ था और उनका शैक्षणिक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था।


सरकार पर छात्र विरोधी होने का आरोप

एबीवीपी ने कहा कि सरकार के ये निर्णय छात्र विरोधी हैं। उनका कहना है कि शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए स्टाफ नियुक्ति और आधारभूत संरचना मजबूत करना अधिक आवश्यक है, न कि संस्थानों को बंद करना। संगठन ने मांग की कि सरकार इन निर्णयों की पुनर्समीक्षा करे और छात्रों के हित में सकारात्मक कदम उठाए।


आंदोलन की चेतावनी

एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय वापस नहीं लिया, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि वह छात्र हितों की रक्षा के लिए सदैव संघर्षरत रहेगा।


निष्कर्ष

हिमाचल प्रदेश में 286 स्कूलों और 19 महाविद्यालयों को लेकर उठे विवाद ने शिक्षा नीति पर बहस तेज कर दी है। एबीवीपी ने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है और छात्रों पर संभावित आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

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