हिमाचल में 11,716 शिक्षक पद रिक्त: एबीवीपी

rakesh nandan

19/02/2026

स्कूल शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न

Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (एबीवीपी) हिमाचल प्रदेश की प्रदेश मंत्री Nancy Atal ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उनके अनुसार, हिमाचल प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में 11,716 शिक्षक पद तथा 6,328 गैर-शिक्षक पद रिक्त पड़े हैं। यह स्थिति शिक्षा तंत्र में संसाधनों की कमी और प्रशासनिक चुनौतियों को दर्शाती है।


गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रभाव

प्रदेश मंत्री ने कहा कि जब विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक और कर्मचारी उपलब्ध नहीं होंगे, तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विद्यालय एक या दो शिक्षकों के सहारे संचालित हो रहे हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के कारण विज्ञान, गणित और अन्य प्रमुख विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गैर-शिक्षकीय स्टाफ की कमी से कार्यालयी और प्रशासनिक कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे विद्यालयों का समुचित संचालन प्रभावित होता है।


सरकार की नीतियों पर सवाल

नैंसी अटल ने कहा कि बीते तीन वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार विद्यालयों को सीबीएसई के अधीन कर रही है, जबकि राज्य के अपने शिक्षा तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि Himachal Pradesh Board of School Education को सुदृढ़ किया जाना चाहिए। परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और नई शैक्षणिक योजनाओं के माध्यम से बोर्ड को आधुनिक एवं सक्षम बनाया जाना आवश्यक है।


समयबद्ध नियुक्तियों की मांग

एबीवीपी का मानना है कि शिक्षा केवल घोषणाओं से मजबूत नहीं होती। इसके लिए ठोस नीतियां, समयबद्ध नियुक्तियां और प्रशासनिक इच्छाशक्ति आवश्यक है। प्रदेश मंत्री ने मांग की कि सरकार तत्काल प्रभाव से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ करे। 11,716 शिक्षक पद और 6,328 गैर-शिक्षक पदों की रिक्तता प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इन पदों की शीघ्र पूर्ति से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार संभव है।


चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लेती, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रहितों की रक्षा के लिए सदैव संघर्षरत रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा।


शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की आवश्यकता

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी राज्य के विकास में मजबूत शिक्षा प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक और सहयोगी कर्मचारी उपलब्ध हों, तो विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण मिल सकता है। प्रदेश में रिक्त पदों की संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग के समक्ष चुनौती बड़ी है, जिसे नीतिगत निर्णयों और प्रशासनिक तत्परता से दूर किया जा सकता है।


निष्कर्ष

हिमाचल प्रदेश में 11,716 शिक्षक और 6,328 गैर-शिक्षक पदों का रिक्त होना शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। एबीवीपी ने सरकार से शीघ्र नियुक्तियां शुरू करने और राज्य के शिक्षा बोर्ड को सशक्त बनाने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।