भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की अध्यक्षा डेज़ी ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के खिलाफ नीतियाँ बनाने और उन्हें लागू करने में सबसे आगे रही है। चुनावों से पहले महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का झूठा वादा करने वाली कांग्रेस सरकार आज तक इस वादे को पूरा नहीं कर पाई है और अब एचआरटीसी बस सेवा में महिलाओं को दी जा रही सुविधाएँ भी छीनी जा रही हैं। डेज़ी ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 28 लाख महिलाएँ हैं, जिन्हें भाजपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट की सुविधा मिलती थी। लेकिन कांग्रेस सरकार ने अब इस छूट को “हिम बस कार्ड” से जोड़ दिया है, जिसके लिए महिलाओं को 200 रुपये (GST सहित 236 रुपये) शुल्क देना पड़ रहा है, जबकि पहले ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी।
उन्होंने कहा कि अभी तक बहुत कम महिलाओं ने यह कार्ड बनवाया है और अब कार्ड न होने की स्थिति में महिलाओं को बसों में किराया छूट नहीं मिलेगी। इससे ग्रामीण, गरीब, कामकाजी और बुजुर्ग महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी। कांग्रेस सरकार ने यह व्यवस्था लागू कर महिलाओं पर अनावश्यक आर्थिक और प्रशासनिक बोझ डाल दिया है। डेज़ी ठाकुर ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां देश के कई राज्य महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दे रहे हैं, वहीं हिमाचल की कांग्रेस सरकार पहले से मिली रियायतें भी खत्म कर रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि:
दिल्ली में महिलाएँ डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर रही हैं।
कर्नाटक (शक्ति योजना), तेलंगाना (महालक्ष्मी योजना), पंजाब, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश (स्त्री शक्ति योजना) में महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित हिमाचल सरकार को इन राज्यों से सीख लेनी चाहिए, न कि महिलाओं की सुविधाएँ समाप्त करनी चाहिए। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्षा ने कहा कि सरकार हिम बस कार्ड को पारदर्शिता और बचत का माध्यम बता रही है, लेकिन यह बचत महिलाओं की जेब पर बोझ डालकर की जा रही है। कार्ड की एक वर्ष की वैधता, हर साल नवीनीकरण शुल्क और होम डिलीवरी पर अतिरिक्त चार्ज कांग्रेस सरकार की महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। डेज़ी ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भाजपा महिला मोर्चा कांग्रेस सरकार की इस जनविरोधी और महिला विरोधी नीति का पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने मांग की कि हिमाचल प्रदेश की महिलाओं को बिना किसी शुल्क और कार्ड की बाध्यता के एचआरटीसी बसों में पूर्व की तरह रियायती या मुफ्त यात्रा सुविधा तुरंत बहाल की जाए।
