हिम बस कार्ड अनिवार्यता पर महिला समिति का विरोध

rakesh nandan

28/02/2026

Akhil Bharatiya Janwadi Mahila Samiti की हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने महिलाओं के लिए ‘हिम बस कार्ड’ 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य किए जाने के फैसले का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि यदि कार्ड नहीं बनवाया गया तो महिलाओं को बसों में मिलने वाली 50 प्रतिशत किराया छूट समाप्त कर दी जाएगी, जो गरीब, मजदूर और किसान महिलाओं के हितों के खिलाफ है।

गरीब महिलाओं पर पड़ेगा असर

राज्य कमेटी ने कहा कि दैनिक मजदूरी करने वाली महिलाओं के लिए कार्ड बनवाने की प्रक्रिया जटिल और कठिन हो सकती है। संगठन का आरोप है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को इस योजना की पर्याप्त जानकारी भी नहीं है। संगठन ने मांग की कि महिलाओं को दी गई 50 प्रतिशत किराया छूट समाप्त न की जाए और प्रदेश में बंद पड़े बस रूटों को बहाल किया जाए, ताकि परिवहन सुविधाएं सुलभ हो सकें।


निजी बसों को लेकर भी उठाए सवाल

महिला समिति ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी बसों की संख्या बढ़ने से किराया वसूली और संचालन में मनमानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बस अड्डों — जैसे कांगड़ा जिले के ज्वालाजी, नगरोटा वांगबा, थुरल, हमीरपुर बस अड्डा, सुजानपुर और मंडी — में निजी बसों की अधिकता का मुद्दा भी उठाया गया।


7 मार्च को विरोध की चेतावनी

संगठन ने प्रदेश की महिलाओं से अपील की है कि वे हिम बस कार्ड न बनवाएं और इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाएं। राज्य कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो 7 मार्च को पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।