हमीरपुर में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित
हमीरपुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय मासिक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी की अध्यक्षता में सीएमओ कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में संपन्न हुई। बैठक में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों और विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की प्रगति और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कई अधिकारी बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पारस सहित जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य शिक्षक, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, लेखाकार तथा ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर भी बैठक में शामिल हुए।
स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सभी प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न कार्यक्रमों के तहत प्राप्त आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया जाए और जहां आवश्यक हो वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध करवाई गई धनराशि का समय पर और सही तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
29 मार्च से शुरू होगा एचपीवी टीकाकरण अभियान
बैठक में आगामी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. चौधरी ने बताया कि यह अभियान 29 मार्च से जिले के 33 कोल्ड-चेन पॉइंट (शीत श्रृंखला केंद्रों) पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करें। यह टीकाकरण अभियान महिलाओं और किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नवजात शिशुओं की देखभाल पर विशेष ध्यान
बैठक में एचबीएनसी (होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। डॉ. चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ता नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए उनके घरों पर जाकर सेवाएं प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को बच्चे के जन्म के बाद सात बार घर का दौरा करना होता है। इन दौरों के दौरान नवजात शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है और परिवार को आवश्यक स्वास्थ्य सलाह दी जाती है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए दौरों का पूरा रिकॉर्ड ब्लॉक स्तर पर व्यवस्थित तरीके से रखा जाए।
गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीकरण पर जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण और देखभाल से संबंधित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खंड स्तर पर जितनी भी गर्भवती महिलाएं पंजीकृत होती हैं, उनका समय पर और प्रारंभिक चरण में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रसव पूर्व अवधि के दौरान गर्भवती महिलाओं को परिवार नियोजन के तरीकों के बारे में परामर्श देना भी जरूरी है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश
बैठक के दौरान डॉ. चौधरी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
जन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की पहल
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यदि सभी कार्यक्रमों को सही तरीके से लागू किया जाए तो जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार किया जा सकता है।