आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मृत्यु पर प्रदर्शन की घोषणा

rakesh nandan

05/01/2026

मंडी ज़िले के तारना वृत्त में ड्यूटी के दौरान गिरने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मृत्यु ने एक बार फिर प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनहीनता को उजागर किया है। इस दुखद घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से विभिन्न विभागों का तो काम लिया जाता है, लेकिन जब उनकी जान की बात आती है, तो सरकार और विभाग जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेते हैं।

इस संदर्भ में आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्परज यूनियन ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि वे 8 जनवरी को पूरे प्रदेश में प्रोजेक्ट स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। यूनियन की जिला कार्यकारणी सदस्यों ने मृतका हर्षा के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने कहा है कि यह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि कई वर्षों से जारी एक खतरनाक सिलसिला है।

यूनियन के सदस्यों ने कहा, “पिछले वर्षों में कुल्लू में और चम्बा ज़िले में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई है। क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की जान की कोई कीमत नहीं है? उन्हें प्लस पोलियो, BLO ड्यूटी, फेस ट्रैकिंग, हाउस-टू-हाउस सर्वे जैसे क्रियाकलापों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जब बात जान की आती है, तो हर विभाग जिम्मेदारी से पलायन कर जाता है।”

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अत्यंत कम मानदेय पर काम कराना और सुरक्षा, बीमा एवं मुआवज़े से मुंह मोड़ना उनके प्रति स्पष्ट शोषण है। यूनियन ने इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया है।

यदि सरकार इस बार भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती, तो यह आंदोलन केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। इसके सभी परिणाम प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों की ज़िम्मेदारी होगी।