राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने हिमाचल प्रदेश के बजट 2026 पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “कटौती का बजट, कर्ज का बोझ” करार दिया है।
“अर्थव्यवस्था सिकुड़ने का संकेत”
हर्ष महाजन ने कहा कि:
- इस वर्ष का बजट ₹54,928 करोड़ है
- जबकि पिछले वर्ष यह ₹58,514 करोड़ था
उन्होंने कहा कि बजट में कमी साफ दर्शाती है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है।
सरकार पर वित्तीय विफलता का आरोप
महाजन ने आरोप लगाया कि:
- सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति संभालने में कठिनाई हो रही है
- कर्मचारियों के वेतन तक स्थगित करने की नौबत आ गई
“छोटे मानदेय बढ़ाकर जनता को भ्रमित किया जा रहा”
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार वेतन रोक रही है, वहीं दूसरी ओर:
- छोटे-छोटे मानदेय बढ़ाकर
- जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है
“विकास नहीं, दिवालियापन का दस्तावेज”
हर्ष महाजन ने बजट को लेकर कहा कि:
- इसमें विकास की स्पष्ट दिशा नहीं है
- यह वित्तीय दिवालियापन को दर्शाता है
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश के बजट 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। जहां सत्तापक्ष इसे विकासोन्मुख बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे आर्थिक संकट और वित्तीय कुप्रबंधन का परिणाम बता रहा है।