संसद में हिमाचल के स्वास्थ्य क्षेत्र की निधियों का मुद्दा
हर्ष महाजन, राज्यसभा सांसद ने संसद में हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त निधियों के आवंटन और उपयोग से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से यह जानकारी मांगी कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए केंद्र द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत कितनी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है और इन निधियों का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। इस प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने संसद में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिल रही सहायता
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को लगातार वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान इस योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को सैकड़ों करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई है।
इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से निम्न उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है:
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना
चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार
ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना
स्वास्थ्य संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार
इस योजना के माध्यम से राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन से भी सहायता
मंत्रालय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत भी हिमाचल प्रदेश को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और भविष्य में संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की तैयारियों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस सहायता से राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक सुविधाओं के विकास में मदद मिल रही है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत मिली निधि
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत भी हिमाचल प्रदेश को पिछले तीन वर्षों में केंद्रीय निधि जारी की गई है।
जारी की गई राशि इस प्रकार है:
2022-23: 64.32 करोड़ रुपये
2023-24: 47.91 करोड़ रुपये
2024-25: 49.71 करोड़ रुपये
इन निधियों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य बीमा के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
मेडिकल शिक्षा को भी मिल रहा बढ़ावा
केंद्र सरकार द्वारा राज्य में मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। सरकार ने हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दी है।
ये मेडिकल कॉलेज निम्न स्थानों पर स्थित हैं:
शिमला
कांगड़ा
मंडी
हमीरपुर
नाहन
चंबा
इन मेडिकल कॉलेजों में 120 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि को मंजूरी दी गई है।
इसके लिए वर्ष 2022-23 में 35.64 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई थी।
नर्सिंग शिक्षा के लिए भी नई पहल
केंद्र सरकार द्वारा नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में तीन नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।
ये कॉलेज निम्न स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे:
ऊना
हमीरपुर
नाहन
इन नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए लगभग 27 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत/जारी की गई है।
स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा मजबूती
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में दी जा रही वित्तीय सहायता हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद
सांसद ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार के सहयोग से हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का और अधिक विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, बेहतर चिकित्सा शिक्षा और मजबूत स्वास्थ्य अवसंरचना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।