हरौली उत्सव के राजनीतिकरण पर भाजपा का हमला

rakesh nandan

11/04/2026

हिमाचल प्रदेश में आयोजित राज्य स्तरीय हरौली उत्सव को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने कांग्रेस सरकार पर इस आयोजन के राजनीतिकरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश जमवाल ने कहा कि हरौली उत्सव एक प्रशासनिक स्तर पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम है, लेकिन इसे कांग्रेस ने पूरी तरह से राजनीतिक मंच में बदल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है।


⚖️ प्रशासनिक कार्यक्रम या राजनीतिक मंच?

जमवाल ने कहा कि हरौली उत्सव का आयोजन प्रशासनिक ढांचे के तहत होता है, जिसमें उपमंडलाधिकारी (SDM) आयोजन समिति के अध्यक्ष होते हैं और पूरा कार्यक्रम उपायुक्त (DC) की निगरानी में संपन्न किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह पूरी तरह सरकारी कार्यक्रम है, तो इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप क्यों किया जा रहा है। “जब कार्यक्रम प्रशासनिक नियंत्रण में होता है, तो कांग्रेस नेताओं को मंच पर लाना सीधे-सीधे सरकारी शक्ति का दुरुपयोग है,” उन्होंने कहा।


🎤 कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस उत्सव के समापन समारोह के लिए रजनी पाटिल को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कदम यह दर्शाता है कि सरकार और पार्टी के बीच की सीमाएं खत्म हो चुकी हैं। “यह सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि कांग्रेस का राजनीतिक इवेंट बन चुका है,” उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा।


⚠️ संवैधानिक मर्यादाओं पर भी उठाए सवाल

राकेश जमवाल ने इस कार्यक्रम में अनूप रत्न की भागीदारी को भी लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महाधिवक्ता एक संवैधानिक पद है और ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति का राजनीतिक या उत्सवात्मक कार्यक्रमों में शामिल होना उचित नहीं है। “यह संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है और इससे संस्थाओं की निष्पक्षता प्रभावित होती है,” उन्होंने कहा।


🏛️ सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां प्रशासन को निष्पक्ष रहना चाहिए, वहां सरकार अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। “जनता के पैसे से कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम चलाया जा रहा है—यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है,” उन्होंने कहा।


🔍 लोकतंत्र और पारदर्शिता पर सवाल

जमवाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश में प्रशासनिक गिरावट को दर्शाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का “व्यवस्था परिवर्तन” अब “व्यवस्था पतन” में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम यह साबित करता है कि सरकार प्रशासन और राजनीति के बीच की रेखा को बनाए रखने में विफल रही है।


📢 भाजपा का रुख

भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी और इसे जनता के बीच लेकर जाएगी।

राकेश जमवाल ने कहा कि पार्टी इस मामले में

  • संवैधानिक पदों के दुरुपयोग
  • प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल
  • सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग

जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।