संजीव कटवाल, भाजपा प्रदेश महामंत्री, ने ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में सामने आए 28 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह मामला कांग्रेस की भ्रष्टाचार संस्कृति का सबसे बड़ा और शर्मनाक उदाहरण है।
संजीव कटवाल ने कहा कि डिप्टी सीएम के गृह विधानसभा क्षेत्र में इस तरह का घोटाला यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार अब अपवाद नहीं, बल्कि नीति बन चुका है। सरकारी धन को खुलेआम निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस भूमि को हिमुडा और राजस्व विभाग द्वारा फ्लैट निर्माण के लिए खरीदा गया, वह वास्तविकता में खाइयों, खड्डों और प्राकृतिक नालों से भरी हुई बताई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी अनुपयोगी भूमि को आखिर निर्माण योग्य किसने घोषित किया और क्या यह सब जानबूझकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने की साजिश थी।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन में सरकारी एजेंसियां अब विकास के लिए नहीं, बल्कि कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के औजार बन चुकी हैं। भूमि को सर्किल रेट से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदकर सरकारी धन की बंदरबांट की गई। विजिलेंस द्वारा एफआईआर दर्ज होना इस बात का प्रमाण है कि प्रारंभिक जांच में घोटाले के ठोस सबूत सामने आ चुके हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल जमीन मालिक तक सीमित नहीं है। इसमें वे अधिकारी, कर्मचारी, मूल्यांकनकर्ता और फाइलों पर हस्ताक्षर करने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी पूरी तरह जिम्मेदार हैं। इतना बड़ा घोटाला बिना राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं है। कांग्रेस को जनता को बताना होगा कि इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
संजीव कटवाल ने कहा कि कांग्रेस वर्षों से भ्रष्टाचार की जननी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के समय शुरू हुआ यह खेल आज और भी व्यवस्थित और निर्लज्ज रूप ले चुका है। कांग्रेस का तथाकथित “व्यवस्था परिवर्तन” केवल एक नारा साबित हुआ है।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करवाई जाए और इसमें शामिल बड़े नामों को जनता के सामने लाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस घोटाले को दबाने या केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, तो भाजपा सड़क से सदन तक निर्णायक आंदोलन करेगी।
प्रदेश की जनता अब कांग्रेस की लूट और घोटालों से त्रस्त है और आने वाले समय में कांग्रेस को इसका करारा जवाब मिलने वाला है।