हरोली उत्सव 2026: काफ़ रैली बनी आकर्षण

rakesh nandan

12/04/2026

राज्य स्तरीय हरोली उत्सव–2026 के दूसरे दिन हरोली मैदान रोड़ा में आयोजित काफ़ रैली मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस आयोजन ने न केवल पशुपालकों को एक मंच प्रदान किया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन के महत्व को भी उजागर किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इस प्रकार की काफ़ रैली न केवल पशुपालकों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि युवाओं को भी पशुपालन से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है।

काफ़ रैली में क्षेत्रभर से आए पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान लगभग 50 दुधारू पशुओं को प्रदर्शित किया गया, जिसने दर्शकों और विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन स्थल पर पशुपालन से जुड़े लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जो इस क्षेत्र के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

रैली के अंतर्गत 0 से 6 माह आयु वर्ग के पशुओं की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके अलावा 5 से 6 दिन आयु वर्ग के बछड़ों की उपस्थिति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। प्रतियोगिता के दौरान पशुओं का मूल्यांकन उनकी वृद्धि (ग्रोथ), शारीरिक बनावट, सुडौलता, दांतों की स्थिति और साफ-सफाई जैसे महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया गया।

इस प्रतियोगिता में पशुओं की तीन प्रमुख श्रेणियों—देशी नस्ल, विदेशी नस्ल और कटड़ियों—के बीच मुकाबले आयोजित किए गए। देशी नस्ल वर्ग में गिर गाय, साहीवाल गाय और लाल सिंधी गाय ने अपनी विशेष पहचान बनाई। इन नस्लों को उनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता और अनुकूलन क्षमता के लिए जाना जाता है।

वहीं, विदेशी नस्ल वर्ग में होल्स्टीन फ्रिजियन (एचएफ) और जर्सी गाय आकर्षण का केंद्र रहे। ये नस्लें अधिक दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं और आधुनिक डेयरी उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कटड़ियों के वर्ग में मुर्राह भैंस ने दर्शकों और विशेषज्ञों का विशेष ध्यान खींचा। मुर्राह नस्ल अपनी उच्च गुणवत्ता वाले दूध और बेहतर उत्पादकता के लिए जानी जाती है।

प्रतियोगिता के परिणाम भी बेहद रोचक रहे। देशी गाय प्रतियोगिता में कांगड़ के देसराज की साहीवाल नस्ल की गाय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि घालूवाल की स्वामी यमुना की साहीवाल नस्ल दूसरे स्थान पर रही। हरोली के सुदर्शन की गिर नस्ल की गाय ने तीसरा स्थान हासिल किया।

मुर्राह भैंस श्रेणी में सैंसोवाल के रजनीश कुमार की कटड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बीटन के प्रदीप कुमार की कटड़ी दूसरे और मलूकपुर के अमनदीप की कटड़ी तीसरे स्थान पर रहे।

विदेशी नस्ल श्रेणी में चुरुड़ु के अभिनव मिन्हास की बछड़ी ने प्रथम स्थान हासिल किया। पूबोवाल के हेमराज की बछड़ी दूसरे स्थान पर रही, जबकि पालकवाह के ध्रुव की बछड़ी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

उपमुख्यमंत्री ने विजेताओं को गिफ्ट हैम्पर और पशुओं के लिए फीड की बोरी देकर सम्मानित किया। साथ ही, काफ़ रैली में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनका उत्साह और बढ़ा।

इस आयोजन ने न केवल पशुपालकों को अपनी श्रेष्ठ नस्लों के प्रदर्शन का अवसर दिया, बल्कि आधुनिक पशुपालन, नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया। काफ़ रैली ने यह स्पष्ट किया कि पशुधन विकास ग्रामीण समृद्धि का एक मजबूत आधार है।

कार्यक्रम में एसडीएम विशाल शर्मा, उपनिदेशक पशुपालन डॉ. वीरेंद्र सिंह पटियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, पशु चिकित्सक और बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, हरोली उत्सव–2026 की यह काफ़ रैली न केवल एक प्रतियोगिता रही, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुधन विकास और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुई।