
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिस हरोली ने कभी पानी, बिजली और सड़कों की कमी का लंबा दौर देखा, वही हरोली आज विकास के निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई और अधोसंरचना के क्षेत्र में हुए ठोस कार्यों से क्षेत्र की तस्वीर बदली है और आज हरोली के बच्चे सुरक्षित व सुविधासंपन्न वातावरण में आगे बढ़ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री रविवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ललड़ी के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षणिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उन्होंने डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री फाउंडेशन की ओर से 31 हजार रुपये देने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री ने विद्यालय में 1.30 करोड़ रुपये की लागत से बन रही साइंस लैब के शेष कार्य शीघ्र पूरा कर उसे विद्यार्थियों को समर्पित करने के निर्देश दिए।
नई पहचान, नई हरोली
उन्होंने कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने वाला यह क्षेत्र आज शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और सिंचाई के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। विकास को वर्तमान तक सीमित न रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है।
धार्मिक स्थलों के संरक्षण को प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री ने ललड़ी में गुरु रविदास मंदिर निर्माण के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त ईसपुर में शीतला माता मंदिर, बदसाली, सलोह, बीटन कुटिया, सिद्ध बाबा जलंधरी मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों के लिए करोड़ों रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है।
सड़कों-पुलों को नई गति
उन्होंने बताया कि जेजों मोड़ से टाहलीवाल चौक वाया भाई का मोड़ सड़क के उन्नयन हेतु 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिसमें तीन पुलों का निर्माण भी शामिल है। ललड़ी और चंदपुर में भी नए पुलों का निर्माण प्रगति पर है।
पेयजल व सिंचाई से बदली बीत क्षेत्र की तस्वीर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों से बीत क्षेत्र आज नकदी फसलों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। 75 करोड़ रुपये की ‘बीत एरिया फेज-2’ योजना से 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि 2027 तक हरोली शतप्रतिशत पेयजल व सिंचाई सुविधा से संपन्न होगा।
शिक्षा व स्वास्थ्य में ऐतिहासिक बदलाव
उन्होंने बताया कि हरोली क्षेत्र में 33 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 3 सरकारी कॉलेज, 2 आईटीआई, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, ट्रिपल आईटीआई और केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। 150 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आईआईआईटी राष्ट्रीय पहचान बना चुका है। क्षेत्र में आधुनिक अस्पताल और पशु चिकित्सालय बेहतर सेवाएं दे रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षकों के सम्मान और नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि संस्कार, अनुशासन और शिक्षा से ही जीवन में सफलता संभव है।
