हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली बल्क ड्रग पार्क परियोजना एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 11 अप्रैल को इस परियोजना के तहत 250 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले साइट विकास और अवसंरचना कार्यों का शिलान्यास करेंगे।
🔹 पोलियां और पंजुआना में होंगे बड़े कार्य
मुख्यमंत्री शनिवार को दोपहर बाद करीब 3:30 बजे हरोली उपमंडल के तहत पोलियां में बल्क ड्रग पार्क के कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही वे पंजुआना में लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वर्किंग महिला हॉस्टल का भी नींव पत्थर रखेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान भी मौजूद रहेंगे।
🔹 हरोली उत्सव का भी करेंगे शुभारंभ
मुख्यमंत्री इसके बाद 11 अप्रैल से शुरू हो रहे राज्य स्तरीय हरोली उत्सव 2026 का भी विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह उत्सव क्षेत्र की संस्कृति और विकास का प्रतीक माना जाता है।
🔹 2000 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना
हरोली में विकसित हो रहा यह बल्क ड्रग पार्क लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है और यह करीब 1405 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा। यह परियोजना एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) के उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
🔹 चीन पर निर्भरता होगी कम
अब तक भारत दवाइयों के कच्चे माल के लिए अन्य देशों, विशेषकर चीन पर निर्भर रहा है। इस परियोजना के माध्यम से देश को इस निर्भरता से मुक्ति मिलेगी और भारत वैश्विक फार्मा क्षेत्र में मजबूत स्थिति हासिल कर सकेगा।
🔹 देश में सिर्फ तीन परियोजनाएं
देशभर में इस तरह की केवल तीन बल्क ड्रग पार्क परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें से एक हरोली में स्थापित हो रही है। यह हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
🔹 15 हजार रोजगार के अवसर
इस परियोजना से लगभग 15,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
यह क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
🔹 केंद्र और राज्य की साझेदारी
इस परियोजना में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की बराबर भागीदारी है।
- केंद्र सरकार: 1000 करोड़ रुपये
- राज्य सरकार: 1000 करोड़ रुपये
राज्य सरकार ने इसे निजी क्षेत्र के बजाय स्वयं संचालित करने का निर्णय लिया, जो जनहित को प्राथमिकता देने वाला कदम माना जा रहा है।
🔹 मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं:
- 66 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाएं पूर्ण
- 3400 करोड़ रुपये की लागत से 5 किमी रेलवे लाइन प्रस्तावित
- 500 करोड़ रुपये से संतोषगढ़-जैजों सड़क अपग्रेड योजना
ये सभी कार्य परियोजना को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा प्रदान करेंगे।
🔹 पर्यावरणीय मानकों का पालन
इस परियोजना के तहत पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दिशा-निर्देशों का पालन
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी
- जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज और वनरोपण योजनाएं
इससे विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।