हमीरपुर जिला परिषद में नया वार्ड, संख्या 19

rakesh nandan

03/03/2026

हमीरपुर जिला परिषद के वार्डों में आंशिक संशोधन

हमीरपुर जिला परिषद के वार्डों के परिसीमन के प्रारूप में आंशिक संशोधन किया गया है। पूर्व में जारी किए गए प्रारूप में वार्ड नंबर-6 ताल का विभाजन कर नया वार्ड नंबर-7 “चमनेड़” सृजित किया गया है। इस संशोधन के बाद अब जिला परिषद के कुल वार्डों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।


वार्ड-6 ताल का विभाजन

पूर्व परिसीमन प्रारूप के अनुसार वार्ड-6 ताल एक विस्तृत क्षेत्र को कवर कर रहा था। प्रशासनिक और जनसंख्या संबंधी संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसे विभाजित किया गया है। नए वार्ड-7 “चमनेड़” के गठन से स्थानीय प्रतिनिधित्व को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम माना जा रहा है। इससे संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को पंचायत स्तर पर बेहतर प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है।


संशोधित प्रारूप 2 मार्च को प्रकाशित

उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) गंधर्वा राठौड़ ने जानकारी दी कि संशोधित परिसीमन प्रारूप 2 मार्च को प्रकाशित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संशोधित प्रारूप पर आपत्तियां या सुझाव दो दिनों के भीतर आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक व्यक्ति संबंधित खंड विकास अधिकारी के माध्यम से अपनी आपत्तियां या सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।


आपत्तियों और सुझावों की प्रक्रिया

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। परिसीमन प्रक्रिया का उद्देश्य पंचायत चुनावों में निष्पक्ष और संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। वार्डों का गठन जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाता है।


प्रतिनिधित्व में संतुलन

वार्डों की संख्या 19 होने से जिला परिषद में प्रतिनिधित्व का दायरा विस्तृत होगा। इससे स्थानीय विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर परिसीमन से जनसंख्या के अनुपात में संतुलन बना रहता है और प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित होते हैं।


पंचायत चुनावों की तैयारी

परिसीमन प्रक्रिया पंचायत चुनावों से पूर्व एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम होती है। इससे चुनावी क्षेत्रों की स्पष्टता सुनिश्चित होती है और मतदाताओं को अपने प्रतिनिधि चुनने में पारदर्शिता मिलती है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की आपत्ति या सुझाव हो तो वे निर्धारित समय में संबंधित खंड विकास अधिकारी को लिखित रूप में अवश्य प्रस्तुत करें।