उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने जिला अधिकारियों की बैठक में सर्दी के मौसम के दौरान संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी विभागों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन के लिए तत्परता जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि सर्दियों में प्राकृतिक आपदा की आशंका भले ही कम रहे, लेकिन आग लगने, पेड़ों के गिरने, सड़क दुर्घटनाओं, अत्यधिक धुंध और कोहरे जैसी स्थितियाँ अचानक पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पहले से ही पर्याप्त संसाधन और टीमों का तैयार रहना आवश्यक है। अग्निशमन, होमगार्ड्स, पुलिस, आपदा मित्रों और स्वयंसेवकों को हर समय अलर्ट रहने को कहा गया है।
महत्वपूर्ण सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
उपायुक्त ने बिजली, सड़क, पेयजल, और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों को कहा कि विद्युत लाइनों, भवनों और सड़कों के आसपास खतरनाक पेड़ों को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने सरकारी भवनों में अग्निशमन उपकरणों की समीक्षा, हीटरों एवं विद्युत उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए तैयारियां मजबूत करने पर जोर दिया।
जनहित के लिए विशेष व्यवस्थाएँ
उपायुक्त ने कहा कि अत्यधिक ठंड के दौरान बस स्टैंडों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने निर्देश दिया कि बेसहारा व्यक्तियों को रैन बसेरों या उपलब्ध भवनों में अस्थायी शरण दी जाए और बेसहारा पशुओं को गौसदनों में भेजा जाए।
मौसम अलर्ट और त्वरित रिपोर्टिंग पर जोर
अमरजीत सिंह ने कहा कि डीडीएमए द्वारा जारी मौसम अलर्ट और चेतावनी संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी तरह के नुकसान की त्वरित रिपोर्टिंग की जाए और संबंधित जानकारी पोर्टल पर तत्काल अपलोड की जाए।
बैठक में हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में जिले के सभी उपमंडलों के एसडीएम, विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। एडीसी अभिषेक गर्ग ने सभी तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने सभी विभागों से सर्दियों के दौरान जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।