हमीरपुर में खाली सरकारी भवनों की रिपोर्ट तलब

rakesh nandan

27/03/2026

जिला हमीरपुर में खाली पड़े और अनुपयोगी सरकारी भवनों के बेहतर उपयोग को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों को अपने-अपने अधीन खाली पड़े भवनों और परिसंपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

यह निर्देश हमीर भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए, जिसमें जिले के विभिन्न विभागों और संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में खाली पड़ी सरकारी संपत्तियों की स्थिति का आकलन करना और उनके प्रभावी उपयोग की दिशा में कदम उठाना था।

उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार इस विषय को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और इसके लिए एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया गया है। इस उप-समिति ने सभी जिलों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों से खाली और अनुपयोगी भवनों की रिपोर्ट मांगी है, ताकि इनका उचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें और निर्धारित समय के भीतर सटीक और विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाएं। उपायुक्त ने कहा कि इन भवनों का सदुपयोग कर सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर सकती है।

बैठक के दौरान विशेष रूप से शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि वे हाल ही में बंद या मर्ज किए गए स्कूलों के भवनों की पूरी जानकारी एकत्रित करें। ऐसे भवनों को अन्य सरकारी कार्यों या संस्थानों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सके।

इसके अलावा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को भी निर्देशित किया गया कि वे उन ग्राम पंचायतों के भवनों और परिसंपत्तियों की रिपोर्ट तैयार करें, जो अब नगर निगम हमीरपुर या अन्य शहरी निकायों में शामिल हो चुकी हैं। इन भवनों को अन्य विभागों को सौंपकर उनका प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक गर्ग ने विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टों का विवरण प्रस्तुत किया और बताया कि कई स्थानों पर सरकारी भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिन्हें उपयोग में लाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह, नगर निगम हमीरपुर के अतिरिक्त आयुक्त राम प्रसाद शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारी को समझते हुए इस कार्य को प्राथमिकता दें।

प्रशासन का मानना है कि खाली पड़ी सरकारी संपत्तियों का सही उपयोग करने से न केवल सरकारी संसाधनों का संरक्षण होगा, बल्कि नए निर्माण कार्यों की आवश्यकता भी कम होगी। इससे सरकार को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इन भवनों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण केंद्र या अन्य सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाए, तो इससे आम जनता को सीधा लाभ मिल सकता है।

कुल मिलाकर, हमीरपुर प्रशासन का यह कदम सरकारी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी।