स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत नगर निगम हमीरपुर में स्वच्छता कर्मियों और स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य स्वच्छता कर्मियों और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की कार्यक्षमता, ज्ञान और कौशल को मजबूत बनाना था। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नगर निगम हमीरपुर परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर दिया गया प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) की आधुनिक और प्रभावी पद्धतियों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि शहरों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए कचरे का सही तरीके से संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और निस्तारण अत्यंत आवश्यक है।
विशेष रूप से निम्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया—
कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण
गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग प्रबंधन
सामुदायिक स्वच्छता अभियान
पर्यावरण संरक्षण के उपाय
स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य
प्रशिक्षकों ने बताया कि यदि समुदाय और स्थानीय संस्थाएं मिलकर काम करें तो स्वच्छता से जुड़े लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
सामुदायिक सहभागिता पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शहरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं होते, बल्कि जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों को जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के उद्देश्यों और लक्ष्यों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना और कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। इस मिशन के तहत नगर निकायों को आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली अपनाने, प्लास्टिक कचरे को कम करने और पर्यावरण अनुकूल उपायों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कई अधिकारी और प्रतिभागी रहे उपस्थित
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर निगम के अधिकारी, स्वच्छता कर्मचारी, स्वयं सहायता समूह के सदस्य तथा अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
राकेश कुमार
अश्वनी कुमार
इसके अलावा कार्यक्रम में SBM Coordinator, सिटी मिशन मैनेजर, कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर, स्वयं सहायता समूह के सदस्य तथा नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 50 से 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
AIILSG के विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे—
सत्यम यादव
युवराज राणा
डॉ. केतना अतुल मटकर
इन विशेषज्ञों ने स्वच्छता प्रबंधन, कचरा प्रबंधन प्रणाली और सामुदायिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
स्वच्छ और स्वस्थ शहर की दिशा में पहल
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से नगर निगम हमीरपुर ने स्वच्छता कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से स्वच्छता कर्मचारियों को अपने कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से करने में मदद मिलती है और शहर को स्वच्छ तथा पर्यावरण अनुकूल बनाने में भी सहयोग मिलता है। नगर निगम का उद्देश्य है कि स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाए।