जिला हमीरपुर में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मट्टनसिद्ध स्थित पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा आयोजित 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 30 महिलाओं को मोमबत्ती निर्माण (कैंडल मेकिंग) का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मोमबत्ती बनाने की विभिन्न तकनीकों, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और विपणन से संबंधित जानकारी दी गई, ताकि वे इस कौशल को व्यवसाय के रूप में अपनाकर आय अर्जित कर सकें।
समापन समारोह में स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ शरीर ही सफलता की पहली सीढ़ी है, इसलिए महिलाओं को अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने महिलाओं को एचआईवी-एड्स, टीबी और अन्य संक्रामक रोगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जागरूकता और स्वच्छ जीवनशैली अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
इससे पूर्व संस्थान के निदेशक अजय कतना ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और संस्थान की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आरसेटी द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने महिलाओं को उद्यमिता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से भी आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में शिविर के मूल्यांकनकर्ता रणजीत कलोत्रा और लीला देवी, फैकल्टी सदस्य विनय चौहान तथा ट्रेनर कंचन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शिविर ने उन्हें एक नया कौशल सिखाया है, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि मोमबत्ती निर्माण एक ऐसा व्यवसाय है, जिसे कम निवेश में शुरू किया जा सकता है और इसमें अच्छी आय की संभावनाएं भी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है, बल्कि वे समाज में आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान भी बना पाती हैं।
कुल मिलाकर, हमीरपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ है, जिसने उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत की है।