Punjab National Bank Rural Self Employment Training Institute द्वारा मट्टनसिद्ध, हमीरपुर में महिलाओं के लिए आयोजित 14 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 28 महिलाओं ने भाग लिया और उन्हें सॉफ्ट टॉय (खिलौने) बनाने की विशेष तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को न केवल सॉफ्ट टॉय बनाने की कला सिखाई गई, बल्कि उन्हें व्यवसाय शुरू करने से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई।
समापन अवसर पर आरसेटी के निदेशक Ajay Katna ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे अपने स्वयं के उद्यम स्थापित कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि महिलाएं स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) बनाकर भी अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक चला सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आरसेटी और विभिन्न बैंक महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में पूरी सहायता प्रदान करेंगे। इसके तहत उन्हें ऋण सुविधा, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न बैंकिंग योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसमें उन्हें डिजिटल बैंकिंग, ऋण योजनाएं, बीमा योजनाएं और बचत के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
निदेशक ने महिलाओं से अपील की कि वे Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana, Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana और Atal Pension Yojana जैसी योजनाओं का लाभ अवश्य उठाएं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाएं अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं और आर्थिक जोखिमों से बचाव कर सकती हैं।
इस प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को सॉफ्ट टॉय बनाने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें डिजाइनिंग, कटिंग, सिलाई और फिनिशिंग जैसे विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई, जिससे वे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर सकें।
इसके अलावा, उन्हें यह भी सिखाया गया कि वे अपने उत्पादों की मार्केटिंग कैसे करें और बाजार में बेहतर मूल्य कैसे प्राप्त करें। इससे महिलाएं अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेच सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें बताया गया कि छोटे स्तर से शुरू करके भी वे बड़ा व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समापन समारोह में शिविर के मूल्यांकनकर्ता सोमदत्त शर्मा, निर्मला चौधरी, ट्रेनर नीलम राणा, वित्तीय साक्षरता सलाहकार जीसी भट्टी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।