हमीरपुर में 2 अप्रैल को 3 घंटे बिजली कटौती

rakesh nandan

31/03/2026

Hamirpur में 2 अप्रैल को कुछ क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह व्यवधान विद्युत उपमंडल-2 के अंतर्गत अणु स्थित सामुदायिक भवन के 250 केवीए ट्रांसफार्मर के अपग्रेडेशन कार्य के कारण होगा।

बिजली विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार यह कार्य क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक सुचारू एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन से भविष्य में लोड प्रबंधन बेहतर होगा और उपभोक्ताओं को कम बाधाओं के साथ बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

सहायक अभियंता Saurabh Rai ने बताया कि इस कार्य के चलते 2 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान अणु का सामुदायिक भवन, डिग्री कॉलेज, हैप्पी आईटीआई और इनके आसपास के क्षेत्र प्रभावित रहेंगे।

उन्होंने बताया कि यह कार्य तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है और इसे समय पर पूरा करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक निर्धारित और अस्थायी बिजली कटौती है, जो केवल कार्य अवधि तक ही सीमित रहेगी।

बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से इस अवधि के दौरान सहयोग की अपील की है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ता पहले से आवश्यक तैयारियां कर लें, जैसे कि जरूरी विद्युत उपकरणों का उपयोग निर्धारित समय से पहले कर लेना या बैकअप की व्यवस्था कर लेना, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इस समय के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इससे कार्यों में व्यवधान को कम किया जा सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन जैसे कार्य क्षेत्र के विकास और बेहतर सेवाओं के लिए जरूरी होते हैं। इससे न केवल बिजली की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि ओवरलोडिंग की समस्या भी कम होती है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कार्य को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का पूरा प्रयास किया जाएगा, ताकि बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जा सके।

स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे इस दौरान धैर्य बनाए रखें और विभाग का सहयोग करें। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि मौसम या अन्य तकनीकी कारणों से कार्य में बदलाव होता है, तो इसकी जानकारी समय रहते साझा की जाएगी।

कुल मिलाकर, यह बिजली कटौती अस्थायी है और भविष्य में बेहतर विद्युत सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम के रूप में देखी जा रही है।