हमीरपुर में पंचायत अध्यक्ष-प्रधान आरक्षण रोस्टर जारी

rakesh nandan

08/04/2026

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में पंचायत चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन द्वारा सभी छह विकास खंडों की पंचायत समितियों के अध्यक्ष पदों तथा जिले की 242 ग्राम पंचायतों के प्रधान पदों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद अब पंचायत चुनावों की तैयारियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) गंधर्वा राठौड़ द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विभिन्न विकास खंडों में अध्यक्ष पदों का आरक्षण अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार निर्धारित किया गया है। इस रोस्टर में सामाजिक संतुलन और समान प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा गया है, ताकि सभी वर्गों को भागीदारी का अवसर मिल सके।

जारी रोस्टर के अनुसार बीडीसी सुजानपुर, बिझड़ी और हमीरपुर में पंचायत समिति अध्यक्ष पद अनारक्षित रखा गया है। इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में कोई भी पात्र उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है। वहीं, बीडीसी बमसन में अध्यक्ष का पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा, बीडीसी भोरंज में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति (एससी) महिला के लिए आरक्षित रखा गया है, जबकि बीडीसी नादौन में अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इस प्रकार विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की दिशा में संतुलित प्रयास किया गया है।

जिले की 242 ग्राम पंचायतों के प्रधान पदों का आरक्षण भी इसी रोस्टर के तहत निर्धारित किया गया है। इससे पंचायत स्तर पर नेतृत्व का वितरण सुनिश्चित होगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। पंचायत चुनावों में आरक्षण प्रणाली का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को शासन में भागीदारी का अवसर प्रदान करना है।

प्रशासन के इस कदम को पंचायत चुनावों की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब संभावित उम्मीदवारों के बीच चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं और संभावित उम्मीदवार अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का आरक्षण रोस्टर ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे न केवल महिलाओं और पिछड़े वर्गों को आगे आने का मौका मिलता है, बल्कि सामाजिक समरसता भी बढ़ती है। पंचायत स्तर पर बेहतर नेतृत्व से विकास कार्यों में भी तेजी आने की संभावना रहती है।

इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो। इससे चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास और भी मजबूत होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे की चुनावी प्रक्रिया भी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से ही संपन्न कराई जाएगी।

आने वाले समय में पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी होने की संभावना है, जिसके बाद नामांकन, प्रचार और मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बीच, आरक्षण रोस्टर के आधार पर उम्मीदवार अपनी तैयारी शुरू कर चुके हैं।

कुल मिलाकर, हमीरपुर जिले में पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया को दिशा मिली है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व का अवसर भी सुनिश्चित हुआ है।