हमीरपुर में LPG सप्लाई पर्याप्त, अफवाहों से बचें: DC

rakesh nandan

23/03/2026

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को लेकर स्थिति सामान्य और संतोषजनक बनी हुई है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सोमवार को विभिन्न विभागों और गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर जिले में गैस आपूर्ति की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध हैं।

इस बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य विभागों के अधिकारी तथा गैस एजेंसियों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना था।

उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 10 गैस एजेंसियों के माध्यम से 1,63,343 घरेलू गैस कनेक्शनधारकों और 3339 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।

उन्होंने आम उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें। उन्होंने कहा कि बेवजह की अफरा-तफरी से वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है और अन्य उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) द्वारा गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन की अवधि निर्धारित की गई है, जबकि दूरदराज क्षेत्रों की एजेंसियों के लिए यह अवधि 45 दिन तय की गई है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे निर्धारित अवधि के अनुसार ही गैस बुकिंग करें।

हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अपेक्षाकृत कम है। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने आईओसी के फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाई जाए, ताकि होटल, ढाबा और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कोई परेशानी न हो।

उन्होंने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय डूंगरी, अन्य स्कूलों और अस्पतालों को पहले से ही विशेष छूट प्रदान की गई है और वहां घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, एनआईटी के लिए विशेष रूप से व्यावसायिक सिलेंडरों की व्यवस्था की जा रही है।

उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिन व्यापारिक प्रतिष्ठानों को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है, वे वैकल्पिक ईंधनों जैसे कैरोसिन का उपयोग कर सकते हैं। यदि किसी संस्थान को कैरोसिन की आवश्यकता है तो वे संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

बैठक के दौरान पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए गए कि यदि किसी गैस एजेंसी की गाड़ियों की आवाजाही में भीड़ के कारण कोई बाधा आती है, तो तुरंत सहायता प्रदान की जाए, ताकि गैस वितरण प्रक्रिया प्रभावित न हो।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के जिला नियंत्रक शिव राम ने बैठक में गैस आपूर्ति की ताजा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि वितरण प्रणाली को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अंत में उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।