हमीरपुर में पीलिया मामलों पर जल शक्ति विभाग सतर्क

rakesh nandan

19/03/2026

हमीरपुर जिले के निकटवर्ती क्षेत्र बड़ू के कुछ गांवों में हाल ही में पीलिया (जॉन्डिस) के मामले सामने आने के बाद प्रशासन और जल शक्ति विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र की सभी पेयजल योजनाओं की जांच शुरू कर दी है।

पानी के सैंपल लिए गए, अधिकांश सही पाए गए

जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा क्षेत्र की चारों पेयजल योजनाओं के स्रोतों और टैंकों से पानी के सैंपल लिए गए हैं। जांच के बाद सभी सैंपल सुरक्षित और मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारी लगातार फील्ड में रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित कर रहे हैं।

स्कूल के हैंडपंप में पाई गई समस्या

जांच के दौरान यह सामने आया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला स्वाहल की टंकी का पानी पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन राजकीय उच्च पाठशाला स्वाहल के हैंडपंप का पानी जांच में सही नहीं पाया गया। इसी स्कूल में पीलिया के लगभग 13 मामले सामने आए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि संक्रमण का स्रोत हैंडपंप का पानी हो सकता है।

बहुतकनीकी कॉलेज में भी मिले मामले

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि क्षेत्र के बहुतकनीकी कॉलेज में भी पीलिया के लगभग 13 मामले सामने आए हैं। हालांकि, इस संस्थान के हैंडपंप का पानी जांच में सुरक्षित पाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉलेज के कई छात्र बड़ू और आसपास के गांवों में पीजी में रहते हैं। ऐसे में यह संभावना है कि संक्रमण किसी अन्य जलस्रोत, घरों की गंदी टंकियों या अस्वच्छ पानी के उपयोग के कारण फैला हो।

लगातार निगरानी और जांच जारी

विभाग के अनुसार 17, 18 और 19 मार्च को क्षेत्र में पीलिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जो राहत की बात है। फिर भी विभाग के अधिकारी लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रहे हैं।

लोगों को किया जा रहा जागरूक

जल शक्ति विभाग द्वारा लोगों को पेयजल की स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि:

  • घरों की पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें

  • केवल साफ और सुरक्षित पानी का उपयोग करें

  • संदिग्ध जलस्रोतों से पानी पीने से बचें

  • बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें

स्वच्छता ही सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों के अनुसार पीलिया जैसी बीमारियां मुख्य रूप से दूषित पानी और अस्वच्छता के कारण फैलती हैं। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल का उपयोग बेहद जरूरी है।

प्रशासन की सतर्कता से मिली राहत

प्रशासन और जल शक्ति विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति अब नियंत्रण में नजर आ रही है। समय पर जांच और जागरूकता अभियान के कारण नए मामलों में कमी आई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

निष्कर्ष

हमीरपुर के बड़ू क्षेत्र में पीलिया के मामलों के बाद जल शक्ति विभाग की सक्रियता सराहनीय है। पानी के सैंपलों की जांच, फील्ड स्तर पर निगरानी और लोगों को जागरूक करने जैसे कदमों से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि स्वच्छ पानी और साफ-सफाई बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है।