हिमाचल प्रदेश के Hamirpur जिले में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर यानी Cervical Cancer से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लगातार अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अभियान के तीसरे दिन रविवार को जिले भर के 32 अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 192 लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन के टीके लगाए गए। इसके साथ ही जिले में अब तक इस अभियान के तहत टीकाकरण करवाने वाली लड़कियों की कुल संख्या बढ़कर 593 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अभिभावकों और आम जनता में इस अभियान के प्रति जागरूकता और भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
📊 दिनवार टीकाकरण आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत 29 मार्च को हुई थी, जब पहले दिन 206 लड़कियों का टीकाकरण किया गया। इसके बाद शनिवार को 195 लड़कियों को टीके लगाए गए, जबकि तीसरे दिन रविवार को यह संख्या 192 रही। इस प्रकार तीन दिनों में कुल 593 लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन दी जा चुकी है।

🏥 विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में टीकाकरण
जिला स्वास्थ्य अधिकारी Dr. Ajay Atri ने बताया कि रविवार को विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में टीकाकरण इस प्रकार रहा:
- बड़सर: 46 लड़कियां
- भोरंज: 25
- गलोड़: 24
- नादौन: 16
- टौणी देवी: 45
- सुजानपुर: 22
- डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमीरपुर: 14
उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों को इसका लाभ मिल सके।
📅 अगला टीकाकरण सत्र
डॉ. अजय अत्री ने जानकारी दी कि आगामी 12 अप्रैल (रविवार) को भी जिले के 32 स्वास्थ्य संस्थानों में एचपीवी टीकाकरण अभियान जारी रहेगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को समय पर टीका लगवाएं।

💉 मुफ्त वैक्सीन, बड़ी राहत
उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में एचपीवी वैक्सीन की कीमत आमतौर पर 10,000 रुपये से अधिक होती है, लेकिन सरकार इस टीके को पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध करवा रही है। यह पहल लड़कियों को भविष्य में गंभीर बीमारी से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
⚠️ सर्वाइकल कैंसर का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में बार-बार संक्रमण होने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, इस बीमारी से पीड़ित लगभग 99.7 प्रतिशत मामलों में लंबे समय तक संक्रमण मुख्य कारण होता है। एक अध्ययन के अनुसार, हर एक लाख महिलाओं में लगभग 14 महिलाएं इस बीमारी से प्रभावित पाई जाती हैं। महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है।

🎯 अभियान का उद्देश्य
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को समय रहते सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि भविष्य में इस गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यदि समय पर टीकाकरण किया जाए, तो सर्वाइकल कैंसर की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकता है।

🔚 निष्कर्ष
हमीरपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है और लगातार अधिक लड़कियां इससे लाभान्वित हो रही हैं। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।