प्रदेश सरकार द्वारा उद्यान विभाग के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से जिला हमीरपुर भी फल उत्पादन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने लगा है। वर्ष 2025 के विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में बागवानी क्षेत्र बढ़कर लगभग 8100 हेक्टेयर हो गया है, जबकि फल उत्पादन करीब 2200 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना और बागवानी तकनीकी मिशन के तहत जिले में मौसंबी, संतरा, अमरूद, आम, लीची और अनार जैसे फलों के पौधारोपण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। विभाग ने वर्ष 2030 तक फल क्षेत्र को 9000 हेक्टेयर और उत्पादन को 5000 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में फल उत्पादन बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए जिले में कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य से बागवानों को कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिन पर उद्यान विभाग द्वारा 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
राजेश्वर परमार ने कहा कि हमीरपुर में फलों का तुड़ान वर्षा ऋतु से शुरू होकर सर्दियों तक चलता है। एक ही समय अधिक उपज आने पर बागवानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जिससे भारी नुकसान होता है। ऐसी स्थिति में कोल्ड स्टोरेज बागवानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं, जहां उपज सुरक्षित रखकर सही समय पर बाजार में बेची जा सकती है।
उन्होंने बताया कि जिला हमीरपुर में डिडवीं क्षेत्र के उद्यमी सुरेश कुमार और भिड़ा के विजयपाल कौशल ने 52-52 लाख रुपये की लागत से कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित की हैं। इन इकाइयों पर उन्हें 26-26 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। दोनों कोल्ड स्टोरेज इकाइयां सौर ऊर्जा से संचालित की जा रही हैं।
उपनिदेशक ने जिले के सभी बागवानों और उद्यमियों से बागवानी तकनीकी मिशन के अंतर्गत उपलब्ध इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।