Hamirpur जिले में राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष Dr. SP Katyal ने अपने चार दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थानों का व्यापक निरीक्षण कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत चल रही योजनाओं का जायजा लिया। शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान राशन डिपुओं, गोदामों, आटा मिलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और वृद्ध आश्रमों का दौरा किया गया।
📊 योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक
डॉ. कत्याल ने कहा कि जिले में खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का क्रियान्वयन कुल मिलाकर संतोषजनक पाया गया है। हालांकि, उन्होंने गुणवत्ता, भंडारण और वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
🏢 चार दिन का विस्तृत दौरा
उन्होंने बताया कि प्रवास के पहले दिन विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके बाद विकास खंड टौणी देवी में आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और राशन डिपुओं सहित 6 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। दूसरे दिन भोरंज उपमंडल में 12 संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जबकि तीसरे दिन नादौन और हमीरपुर उपमंडल में 15 संस्थानों का दौरा किया गया।
⚠️ भंडारण और सफाई पर जोर
खाद्य आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राशन डिपुओं में खाद्यान्नों का सुरक्षित भंडारण, सही वितरण और साफ-सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप दिया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
📞 हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी राशन डिपुओं, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में हेल्पलाइन और शिकायत नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि उपभोक्ता अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज कर सकें।
🧪 सैंपलिंग और टेस्टिंग जरूरी
डॉ. कत्याल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से गोदामों, आटा मिलों और राशन डिपुओं का निरीक्षण करें तथा खाद्यान्नों की सैंपलिंग और टेस्टिंग सुनिश्चित करें। आटा मिलों में एनएफएसए के तहत आवंटित गेहूं की पिसाई के दौरान भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
⚠️ वृद्ध आश्रम में एक्सपायरी खाद्य सामग्री
निरीक्षण के दौरान एक वृद्ध आश्रम में एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री मिलने पर उसे तुरंत नष्ट करने के निर्देश दिए गए।
🤝 विभागों के बीच समन्वय जरूरी
उन्होंने कहा कि खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग और FSSAI के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। आयोग इस दिशा में सरकार को आवश्यक सुझाव भी भेजेगा।
🎯 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, हमीरपुर जिले में खाद्य सुरक्षा योजनाओं की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन गुणवत्ता सुधार और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है। यह निरीक्षण उपभोक्ताओं को बेहतर और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।