हमीरपुर में भूकंप जागरुकता कार्यक्रम 4 अप्रैल को

rakesh nandan

02/04/2026

Hamirpur जिले में वर्ष 1905 के कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के अवसर पर 4 अप्रैल को विशेष जागरुकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर भूकंप, के प्रति जागरूक करना और आपात स्थिति में बचाव कार्यों की तैयारी को मजबूत बनाना है।

इस संबंध में एसडीएम Sanjeet Singh ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें।

एसडीएम ने बताया कि 4 अप्रैल 1905 को Kangra Valley में आए भूकंप को भारत के इतिहास की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है। इस भूकंप में लगभग 20,000 लोगों की जान चली गई थी, जबकि एक लाख से अधिक भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे।

उन्होंने कहा कि इस त्रासदी की वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि भविष्य में यदि ऐसी कोई आपदा आती है, तो किस प्रकार जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।

इस वर्ष 4 अप्रैल को सुबह साढ़े 9 बजे उपायुक्त कार्यालय परिसर से एक सॉलिडैरिटी मार्च (एकजुटता रैली) निकाली जाएगी। इस रैली में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक भाग लेंगे।

इसके बाद मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भूकंप जैसी आपदा की स्थिति का अभ्यास किया जाएगा। इस अभ्यास के दौरान यह दिखाया जाएगा कि यदि कोई भवन क्षतिग्रस्त हो जाता है और लोग उसमें फंस जाते हैं, तो उन्हें सुरक्षित कैसे बाहर निकाला जाए।

मॉक ड्रिल में बचाव दलों, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अन्य आपात सेवाओं की भूमिका भी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि वास्तविक स्थिति में बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अभ्यास लोगों को आपदा के समय घबराने के बजाय सही तरीके से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करते हैं। इससे बचाव कार्यों में तेजी आती है और नुकसान को कम किया जा सकता है।

एसडीएम संजीत सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही आम जनता से भी इस जागरुकता अभियान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि लोग पहले से तैयार और जागरूक हों, तो किसी भी आपदा का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, हमीरपुर में आयोजित यह जागरुकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लोगों को सतर्क और तैयार रहने का संदेश देता है।