नशे पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुरूप जिला हमीरपुर में पहले चरण के तहत नशा निवारण समितियों का गठन कर लिया गया है। उपायुक्त अमरजीत सिंह द्वारा जारी आदेशों के अनुसार जिले के तीन शहरी निकायों—नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद सुजानपुर और नादौन—तथा 11 ग्राम पंचायतों में इन समितियों का गठन किया गया है। इन ग्राम पंचायतों में बणी, टिप्पर, बढ़ेड़ा, जोल सप्पड़, मण, फाहल, कड़ोहता, लगमनवीं, भोरंज, भौंखर और धमरोल शामिल हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिले में नशे से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए इन समितियों का गठन किया गया है।
प्रत्येक समिति में संबंधित क्षेत्र के स्कूल के प्रधानाचार्य या मुख्याध्यापक को अध्यक्ष तथा थाना या पुलिस चौकी के पुलिस कर्मचारी को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त संबंधित शहरी निकाय के कार्यकारी अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव या पंचायत सहायक, पटवारी, आशा वर्कर, महिला मंडल एवं युवक मंडल के प्रतिनिधि, समाजसेवी, वरिष्ठ नागरिक तथा अन्य वॉलंटियरों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
उपायुक्त अमरजीत सिंह ने सभी 14 अधिसूचित नशा निवारण समितियों को 15 दिसंबर को पहली बैठक आयोजित करने तथा इसकी कार्यवाही रिपोर्ट प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ये समितियां प्रत्येक माह बैठक कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इन समितियों के प्रमुख कार्यों में क्षेत्र में नशे की स्थिति पर निगरानी रखना, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देना, नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना तथा नशा उन्मूलन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी और शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रत्येक तिमाही इन समितियों के कार्यों की समीक्षा कर रिपोर्ट गृह विभाग को प्रेषित करेंगे।