हमीरपुर सहकारी सभाओं की भौतिक जांच 31 मार्च को

rakesh nandan

14/03/2023

31 मार्च को सहकारी सभाओं की भौतिक जांच के आदेश

सहकारिता विभाग ने जिला हमीरपुर की सभी सहकारी सभाओं की प्रबंधन समितियों को 31 मार्च को भौतिक जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।

इस जांच में सहकारी सभा तथा सभा द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकानों में उपलब्ध बकाया माल, नकद राशि, फर्नीचर, फिक्स्चर और उपकरणों की जांच शामिल होगी।


रिपोर्ट प्रस्ताव के रूप में भेजना अनिवार्य

विभाग ने निर्देश दिए हैं कि भौतिक जांच की रिपोर्ट को प्रस्ताव के रूप में पारित कर सहकारिता विभाग को भेजा जाए।

इस प्रक्रिया से वार्षिक ऑडिट कार्य में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित होगी।

जांच का उद्देश्य वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर सभा की वास्तविक वित्तीय एवं भौतिक स्थिति का आकलन करना है।


सहायक पंजीयक की जानकारी

इस संबंध में जानकारी देते हुए Pratyush Chauhan, सहायक पंजीयक, ने बताया कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में यह प्रक्रिया अनिवार्य होती है।

उन्होंने कहा कि भौतिक जांच करना संबंधित सभा की प्रबंधन समिति का दायित्व है।

इसके साथ ही 31 मार्च तक का समस्त लेखा-जोखा और रिकॉर्ड पूर्ण होना चाहिए।


रिकॉर्ड संधारण की जिम्मेदारी

सहायक पंजीयक ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पूर्ण रखना सभा सचिव की जिम्मेदारी है, जबकि रिकॉर्ड को पूर्ण करवाना सभा प्रबंधन का दायित्व है।

यदि किसी सभा में रिकॉर्ड अधूरा पाया जाता है या जांच में अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।


पूर्व में सामने आए गबन के मामले

उन्होंने बताया कि पूर्व में सहकारी सभाओं में गबन के मामले सामने आए थे।

ऐसे मामलों में सभा सचिव तथा प्रबंधन को अधिभारित किया गया था।

हिमाचल प्रदेश सहकारी सभाएं अधिनियम के अंतर्गत यदि लापरवाही या गबन सिद्ध होता है, तो कमेटी सदस्यों के विरुद्ध भी अधिभार प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।


जागरूकता शिविरों का आयोजन

सहायक पंजीयक ने यह भी बताया कि जिला सहकारी विकास संघ तथा Himachal Pradesh Cooperative Development Federation द्वारा समय-समय पर कमेटी सदस्यों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं।

इन शिविरों का उद्देश्य सदस्यों को नियमों, लेखा प्रक्रिया और वित्तीय अनुशासन के बारे में जानकारी देना है।


अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश

सहकारिता विभाग के खंड निरीक्षकों को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यदि कोई सभा निर्धारित आदेशों का पालन नहीं करती है, तो विभाग द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भौतिक जांच से सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

यह प्रक्रिया न केवल ऑडिट में सहायक होगी, बल्कि भविष्य में वित्तीय अनियमितताओं को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


निष्कर्ष

जिला हमीरपुर की सभी सहकारी सभाओं को 31 मार्च को भौतिक जांच करना अनिवार्य होगा।

बकाया माल, नकद राशि, फर्नीचर और उपकरणों की जांच कर रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी।

अनुपालना न करने की स्थिति में संबंधित सभा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह कदम वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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