हमीरपुर में जमीन के नए सर्कल रेट तय

rakesh nandan

27/03/2026

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर उपमंडल में भूमि से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नए सर्कल रेट (भूमि दरें) निर्धारित कर दिए गए हैं। यह जानकारी एसडीएम संजीत सिंह ने साझा की।

उन्होंने बताया कि यह नई दरें उपमंडल के अंतर्गत आने वाली तहसील हमीरपुर, बमसन (टौणी देवी) तथा उपतहसील लंबलू में लागू होंगी। निर्धारित सर्कल रेट 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगे।

आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने की अंतिम तिथि

एसडीएम संजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को इन नए सर्कल रेट्स के संबंध में कोई आपत्ति या सुझाव है, तो वह 31 मार्च 2026 तक एसडीएम कार्यालय हमीरपुर में दर्ज करवा सकता है।

उन्होंने बताया कि लोग अपनी आपत्तियां व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में जाकर या डाक के माध्यम से भी भेज सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाली किसी भी आपत्ति या सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा।

राजस्व और भूमि लेन-देन पर प्रभाव

सर्कल रेट किसी भी क्षेत्र में भूमि के न्यूनतम सरकारी मूल्य को दर्शाते हैं, जिसके आधार पर रजिस्ट्रेशन, स्टांप ड्यूटी और अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाएं निर्धारित होती हैं।

नए सर्कल रेट लागू होने से जमीन की खरीद-फरोख्त, संपत्ति पंजीकरण और राजस्व संग्रह पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ भूमि लेन-देन में सरकारी राजस्व में भी वृद्धि की संभावना है।

सड़कों के आधार पर तय होंगे रेट

एसडीएम ने सर्कल रेट निर्धारित करने के महत्वपूर्ण मापदंडों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई भूमि दो सड़कों के बीच स्थित है, तो उसका सर्कल रेट निकटतम सड़क के आधार पर तय किया गया है।

यदि कोई भूमि दोनों सड़कों से समान दूरी पर स्थित है, तो ऐसी स्थिति में उस भूमि का सर्कल रेट उच्च श्रेणी की सड़क के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।

यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि भूमि मूल्यांकन में पारदर्शिता और समानता बनी रहे।

स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सूचना

यह निर्णय स्थानीय निवासियों, किसानों, भूमि मालिकों और निवेशकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सर्कल रेट में बदलाव से जमीन के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव सीधे तौर पर देखा जा सकता है।

इसलिए प्रशासन ने सभी संबंधित लोगों से अपील की है कि वे समय रहते इन दरों का अध्ययन करें और यदि आवश्यक हो तो अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज कराएं।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास

प्रशासन द्वारा सर्कल रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। संबंधित तहसीलदारों—हमीरपुर, बमसन (टौणी देवी) और लंबलू—ने अपने-अपने क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कर इन दरों को तय किया है।

इस प्रक्रिया में क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, सड़क संपर्क, बाजार की स्थिति और अन्य आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।

आम जनता के लिए सलाह

एसडीएम ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम या अफवाह में न आएं और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निर्णय लें।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सर्कल रेट से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए, तो वह संबंधित कार्यालय से संपर्क कर सकता है।

निष्कर्ष

हमीरपुर उपमंडल में लागू किए गए नए सर्कल रेट भूमि से जुड़े सभी लेन-देन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। इससे न केवल भूमि मूल्य निर्धारण में स्पष्टता आएगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

अंत में, प्रशासन ने पुनः दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक ही आपत्तियां और सुझाव स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए सभी संबंधित व्यक्ति समय रहते अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दर्ज कराएं।