हमीरपुर में जनगणना-2027 की तैयारियां शुरू

rakesh nandan

16/03/2026

जिला हमीरपुर में आगामी जनगणना 2027 की सभी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को हमीरपुर स्थित हमीर भवन में जिला के सभी उपमंडलों के जनगणना चार्ज अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला आरंभ की गई।इस कार्यशाला में जनगणना चार्ज अधिकारी यानी सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर निगम हमीरपुर और अन्य शहरी निकायों के वरिष्ठ अधिकारी तथा उनके अधीनस्थ कर्मचारी भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं, डिजिटल प्रणाली और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी देना है।


चार्ज अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अभिषेक गर्ग ने कहा कि जनगणना-2027 एक बहुत बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया होगी और इसमें चार्ज अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने कहा कि पूरी जनगणना प्रक्रिया में चार्ज अधिकारियों की मुख्य जवाबदेही रहेगी। इसलिए सभी अधिकारियों और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रियाओं को गहराई से समझना होगा, ताकि इस महत्वपूर्ण कार्य को बिना किसी त्रुटि के पूरा किया जा सके।


जिला स्तर पर नियुक्त किए गए अधिकारी

एडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि जनगणना-2027 के तहत जिला स्तर पर उपायुक्त को प्रधान जनगणना अधिकारी तथा एडीसी को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार उपमंडल, तहसील, उपतहसील, नगर निगम और अन्य शहरी निकायों के स्तर पर भी जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्रों में जनगणना की प्रक्रिया को सही ढंग से लागू करना होगी।


पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

उन्होंने बताया कि भारत की यह 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। इसके लिए तीन प्रमुख डिजिटल प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। सबसे पहले, नागरिक स्वयं भी सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल आधारित डेटा संग्रहण के लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन विकसित की गई है, जिसमें जियो टैगिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह मोबाइल ऐप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा और मकानों की सूची तैयार करने के लिए जियो टैगिंग की सुविधा प्रदान करेगा।


निगरानी के लिए विशेष पोर्टल

जनगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष पोर्टल भी विकसित किया गया है। इस पोर्टल का नाम Census Management and Monitoring System है, जिसके माध्यम से अधिकारी हर समय जनगणना की प्रगति पर नजर रख सकेंगे और आवश्यक निर्देश जारी कर सकेंगे।


दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

एडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 12 मई से 11 जून 2026 तक सभी मकानों और भवनों की लिस्टिंग की जाएगी। इस दौरान प्रत्येक मकान से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके अलावा नागरिकों को स्वयं जानकारी दर्ज करने के लिए 27 अप्रैल से 11 मई तक का समय दिया जाएगा। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या गणना के तहत प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक और आर्थिक आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।


30 प्रश्नों के तहत जुटेगी जानकारी

जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित 30 प्रश्नों के माध्यम से कुल 34 प्रकार की जानकारियां दर्ज की जाएंगी। यदि कोई व्यक्ति स्वयं अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करता है तो उसकी पुष्टि संबंधित प्रगणक द्वारा की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं और किसी भी नागरिक का डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाता।


आगे भी होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम

एडीसी ने बताया कि चार्ज अधिकारियों के प्रशिक्षण के बाद जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों, सुपरवाइजरों और प्रगणकों के लिए भी अलग-अलग कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से समझ सकें और जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।


विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी

कार्यशाला के पहले दिन प्रियांशु तिवारी, नोडल अधिकारी अजय सोलंकी और हिमांशु यादव ने जनगणना चार्ज अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल जनगणना प्रणाली, डेटा संग्रहण और प्रबंधन की तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया।