हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में आयुष विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में आयुष मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजेश कालिया ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है।
उन्होंने बताया कि यह आयुष मेले 27 मार्च, 28 मार्च और 31 मार्च 2026 को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 मार्च को नादौन उपमंडल की ग्राम पंचायत फस्टे, 28 मार्च को बड़सर उपमंडल की ग्राम पंचायत बलयाह और 31 मार्च को नादौन उपमंडल की ग्राम पंचायत ग्वालपत्थर में ये मेले लगाए जाएंगे।
डॉ. राजेश कालिया ने बताया कि इन मेलों के माध्यम से आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आज के समय में जहां लोग विभिन्न प्रकार की जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं, वहां आयुष पद्धतियां प्राकृतिक और प्रभावी उपचार का विकल्प प्रदान करती हैं।
इन आयुष मेलों के दौरान लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके साथ ही रक्त परीक्षण, एनोरेक्टल (मलाशय संबंधी) रोगों की जांच और पैरा सर्जिकल प्रक्रियाएं भी की जाएंगी। इससे लोगों को बिना किसी खर्च के विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।
इसके अलावा, लोगों को औषधीय पौधों का वितरण भी किया जाएगा। इन पौधों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक उपचार के प्रति जागरूक किया जाएगा और उन्हें घरेलू स्तर पर स्वास्थ्य बनाए रखने के उपाय सिखाए जाएंगे।
आयुष विभाग द्वारा आयोजित इन मेलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौजूद रहेगी, जो लोगों को उनके स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं पर परामर्श देगी। साथ ही उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
डॉ. राजेश कालिया ने बताया कि इन मेलों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जहां अक्सर चिकित्सा सुविधाएं सीमित होती हैं। ऐसे में यह मेले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकते हैं।
उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से अपील की है कि वे इन आयुष मेलों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल बीमारियों के इलाज में मदद करते हैं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष पद्धतियां जैसे आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा न केवल बीमारियों के उपचार में सहायक हैं, बल्कि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती हैं। इसलिए इनका उपयोग दैनिक जीवन में करना अत्यंत लाभकारी है।
कुल मिलाकर, हमीरपुर जिले में आयोजित होने वाले ये आयुष मेले स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यह पहल लोगों को स्वस्थ और जागरूक समाज की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।