गंधर्वा राठौड़ ने मंगलवार को जिला हमीरपुर में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जिला वार्षिक ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत विभिन्न बैंकों के माध्यम से कुल 3865.98 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे जिले के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
💰 प्राथमिकता क्षेत्रों पर विशेष फोकस
इस योजना में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए 2062.89 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से कृषि, लघु उद्योग, स्वरोजगार और कमजोर वर्गों के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े सेक्टर शामिल हैं।
उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल ऋण वितरण नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
🏦 बैंकों को दिए गए निर्देश
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बैठक के दौरान सभी बैंकों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक पात्र लोगों तक ऋण योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से किसानों, पिछड़े वर्गों और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों को लंबित मामलों को जल्द निपटाना चाहिए और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर लोगों को सुविधा प्रदान करनी चाहिए।
📈 आर्थिकी मजबूत करने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि इस योजना से जहां एक ओर लोगों को स्वरोजगार और व्यवसाय के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बैंकों का कारोबार भी बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि इससे जिले के ऋण-जमा अनुपात (Credit-Deposit Ratio) में भी सुधार होगा, जो किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।
👥 बैठक में उपस्थित रहे अधिकारी
इस अवसर पर जिला अग्रणी प्रबंधक धर्मेंद्र स्याल, नाबार्ड के डीडीएम नरेश कुमार, एलडीएमओ अनिल कुमार सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने-अपने सुझाव भी साझा किए।